बढ़े हुए गृहकर और पीएम आवास योजना की लंबित किस्तों को लेकर मुरगुड में नागरिकों का उग्र प्रदर्शन, नगर परिषद पर निकाला मोर्चा
मुरगुड में बढ़े हुए गृहकर और प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों को लेकर नागरिकों का नगर परिषद पर बड़ा मोर्चा। नारों और विरोध प्रदर्शन के बीच प्रशासन को सौंपा गया ज्ञापन, बढ़ा जनआक्रोश।

मुरगुड में शुक्रवार को बढ़े हुए गृहकर को वापस लेने और प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तें जारी करने की मांग को लेकर सर्वदलीय नागरिकों ने नगराध्यक्ष सुहासिनीदेवी पाटील को ज्ञापन सौंपा।
मुरगुड नगर परिषद द्वारा बढ़ाए गए गृहकर को वापस लेने और प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों के खातों में लंबित अनुदान राशि तत्काल जमा करने की मांग को लेकर शुक्रवार को मुरगुड में सर्वदलीय नागरिकों ने नगर परिषद के खिलाफ जोरदार मोर्चा निकाला। बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता वाले इस आंदोलन ने स्थानीय प्रशासन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रदर्शनकारियों ने नगराध्यक्ष सौ. सुहासिनीदेवी पाटील, उपनगराध्यक्ष श्रीमती रेखाताई मांगले तथा मुख्याधिकारी को मांगों संबंधी ज्ञापन सौंपा।
बस स्थानक से शुरू हुए मोर्चे में शामिल नागरिकों ने “अन्यायपूर्ण गृहकर वापस लो” और “प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तें तुरंत जमा करो” जैसे नारों के साथ अपनी नाराजगी व्यक्त की। हाथों में तख्तियां लिए नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया और अपनी मांगों को तत्काल पूरा करने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि वर्ष 2021 के बाद प्रशासकीय कार्यकाल के दौरान गृहकर में 20 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। इसके बाद हाल ही में अतिरिक्त 5 प्रतिशत वृद्धि लागू कर दी गई, जिससे कुल बढ़ोतरी 25 प्रतिशत तक पहुंच गई है। नागरिकों का आरोप है कि पहले से ही अधिक गृहकर होने के बावजूद यह बढ़ोतरी बिना जनसहमति और एकतरफा तरीके से लागू की गई, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि इस विषय को लेकर 27 मई 2026 को नगर परिषद को पहले ही निवेदन दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। इसी कारण नागरिकों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि बढ़े हुए गृहकर को तत्काल वापस लिया जाए और कथित अन्यायपूर्ण कर वृद्धि को निरस्त किया जाए।
मोर्चे के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए गए। नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा लाभार्थियों को अनुदान वितरण के लिए धनादेश वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन अनेक लाभार्थियों के बैंक खातों में अब तक राशि जमा नहीं हुई है। कई लाभार्थियों को पीएमएवाई-यू (PMAY-U) के तहत अनुदान स्वीकृत होने के संदेश प्राप्त हो चुके हैं, फिर भी उन्हें वास्तविक भुगतान नहीं मिला है। ऐसे सभी लाभार्थियों की लंबित किस्तें तत्काल जारी करने की मांग आंदोलनकारियों ने प्रशासन के समक्ष रखी।
इस अवसर पर पूर्व उपनगराध्यक्ष दगडू शेणवी, पूर्व नगराध्यक्ष सुखदेव येरुडकर, नितीन मोरबाळे, दिगंबर परिट, संग्राम सालोखे, सुरेश गोधडे और आकाश दरेकर सहित कई वक्ताओं ने नागरिकों की मांगों का समर्थन करते हुए प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा व्यक्त की।
मोर्चे में पूर्व उपनगराध्यक्ष अनंत फर्नांडिस, पूर्व नगरसेवक विलास गुरव, फिरोजखान जमादार, विशाल सूर्यवंशी, सचिन मेंडके, प्रकाश हलदकर, शशिकांत गोधडे, समाधान बोते, अमर इंदलकर, संगीता राऊत, शोभा राऊत, सत्यजित चौगले, विशाल भोपळे समेत बड़ी संख्या में नागरिक शामिल रहे।
गृहकर वृद्धि और प्रधानमंत्री आवास योजना की लंबित किस्तों को लेकर उठे इस जनआंदोलन ने मुरगुड नगर परिषद के समक्ष गंभीर प्रशासनिक और जनहित से जुड़े प्रश्न खड़े कर दिए हैं। अब नागरिकों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई और इन मांगों पर लिए जाने वाले निर्णय पर टिकी हैं।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
