मुरगूड शहर में महावितरण द्वारा जबरन स्मार्ट मीटर लगाने की मुहिम ने नागरिकों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। बिजली कंपनी की इस विवादास्पद नीति के विरोध में मुरगूड के समस्त नागरिकों और मोर्चा संयोजन समिति ने हुंकार भरते हुए शुक्रवार, १९ जून को सुबह १० बजे महावितरण कार्यालय पर एक भव्य धडक मोर्चा निकालने का निर्णय लिया है। यह प्रदर्शन न केवल प्रशासन की मनमानी के खिलाफ एक चेतावनी है, बल्कि स्थानीय लोगों के बढ़ते असंतोष का ज्वलंत प्रमाण भी है।

घटनाक्रम के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में महावितरण के कर्मचारी घर मालिकों की अनुपस्थिति में या उन्हें बिना किसी पूर्व सूचना के ही पुराने और सुचारू रूप से कार्य कर रहे बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहे हैं। नागरिकों का आरोप है कि उनकी आपत्तियों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया जा रहा है। इससे पूर्व भी कई बार विभिन्न माध्यमों और निवेदनों के जरिए इस मुहिम का पुरजोर विरोध किया गया था, परंतु महावितरण प्रशासन ने इसे अनसुना कर अपना कार्य जारी रखा, जिससे स्थिति विस्फोटक हो गई है।

मोर्चा संयोजन समिति ने महावितरण के स्थानीय कार्यालय को सौंपे गए आधिकारिक निवेदन में अपनी तीन मुख्य मांगें स्पष्ट रूप से रखी हैं। समिति की मांग है कि शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की मुहिम को तत्काल प्रभाव से रोका जाए। इसके साथ ही, जिन घरों में जबरन स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं, उन्हें हटाकर पुन: पुराने मीटर स्थापित किए जाएं। साथ ही, समिति ने मांग की है कि मीटर बदलने का विरोध करने वाले नागरिकों और महिलाओं को दी जा रही कानूनी कार्रवाई की धमकियों का सिलसिला भी तत्काल बंद होना चाहिए।

आंदोलन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। शुक्रवार को सुबह १० बजे हुतात्मा तुकाराम चौक से यह धडक मोर्चा शुरू होकर महावितरण कार्यालय पहुंचेगा। आयोजकों ने यह स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन पूरी तरह से संवैधानिक और लोकतांत्रिक मार्ग से संचालित होगा। हालांकि, उन्होंने एक कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि मोर्चा शुरू होने से पहले महावितरण प्रशासन ने स्मार्ट मीटर मुहिम को रद्द करने और पुराने मीटर बहाल करने का लिखित आश्वासन नहीं दिया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र कर दिया जाएगा।

इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। मोर्चा के आयोजन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से मुरगूड पुलिस स्टेशन के साथ-साथ जिलाधिकारी कार्यालय को भी निवेदनों की प्रतियां भेज दी गई हैं। अब सबकी निगाहें महावितरण प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या प्रशासन नागरिकों की मांगों को स्वीकार कर माहौल शांत करेगा या फिर यह संघर्ष और अधिक व्यापक रूप धारण करेगा, यह आने वाला समय ही तय करेगा।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

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सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

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