मुरगूड में आयोजित सहकार प्रशिक्षण कार्यक्रम में आधुनिक तकनीकों पर जोर
कोल्हापुर जिला सहकार बोर्ड द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में बैंकिंग के तकनीकी पहलुओं और वित्तीय साक्षरता को लेकर पदाधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

मुरगूड में आयोजित सहकार प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान वक्ता और उपस्थित पदाधिकारी।
सहकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों को समझते हुए, कोल्हापूर जिला सहकार बोर्ड द्वारा मुरगूड में एक विशेष सहकार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सहकारिता मंत्रालय स्थापना दिवस और सहकार सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का उद्देश्य सहकारी संस्थाओं के पदाधिकारियों, संचालकों और सेवकों को आधुनिक नियमों, उभरती संकल्पनाओं और नवीनतम तकनीकी कौशल से सुसज्जित करना था।
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ कागल के सहायक निबंधक डॉ. सुमित जांबोटकर द्वारा सहकार ध्वजारोहण के साथ हुआ। अपने मुख्य उद्बोधन में डॉ. जांबोटकर ने सहकारिता क्षेत्र में निरंतर नवाचार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि बदलते दौर में स्वयं को अपडेट रखना ही प्रगति का आधार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक सहकारिता केवल संचालन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नियमों और तकनीकी दक्षता के बेहतर तालमेल पर आधारित है। कार्यक्रम की अध्यक्षता लक्ष्मीनारायण नागरी पतसंस्था के वरिष्ठ संचालक पुंडलिक डाफळे ने की, जबकि जिला सहकार बोर्ड के संचालक प्रविण सूर्यवंशी, दीपक माने और अनंत फर्नांडिस विशेष रूप से उपस्थित थे।
प्रशिक्षण सत्रों की शुरुआत करते हुए तात्यासो मोहिते प्रशिक्षण केंद्र के उपप्राचार्य एस. टी. जाधव ने तकनीकी पहलुओं पर गहन मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्लाईड शो के माध्यम से सीआरआर, एसएलआर और सीआरएआर जैसी महत्वपूर्ण बैंकिंग संकल्पनाओं का व्यावहारिक विवरण प्रस्तुत किया। साथ ही, उन्होंने सीडी रेशो, एनपीए, एबीआर और एएलआर जैसे जटिल वित्तीय विषयों को सरल और स्पष्ट रूप में समझाया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में कंप्यूटर सॉफ्टवेयर विशेषज्ञ सुदाम पाटील ने सहकारी पतसंस्थाओं में कंप्यूटरीकरण की भूमिका और सॉफ्टवेयर अपग्रेडेशन की अनिवार्यता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस ज्ञानवर्धक सत्र में जिला सहकार बोर्ड के पूर्व विकास अधिकारी भरत साळोखे सहित कागल तहसील की विभिन्न सहकारी संस्थाओं के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। एम. बी. कंगणे द्वारा स्वागत और प्रस्तावना के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम का समापन विनय पोतदार के आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। यह प्रशिक्षण न केवल प्रतिभागियों के लिए सूचनाप्रद रहा, बल्कि सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता और पारदर्शिता को नई दिशा देने की दृष्टि से भी मील का पत्थर साबित हुआ।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
