प्रातःकाल संवाददाता, मुंबई। सपनों के शहर मुंबई में प्रवेश करना अब एक यादगार अनुभव होने वाला है। मुंबई की पहचान को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाई देने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका ने एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। शहर के चारों मुख्य प्रवेश द्वारों दहिसर, वाशी, ऐरोली और मुलुंड का पूरी तरह कायाकल्प किया जाएगा। मुंबई की महापौर रितू तावडे ने इस प्रोजेक्ट को लेकर सख्त तेवर दिखाते हुए प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि अगले 15 दिनों के भीतर इन चारों प्रवेश द्वारों के सौंदर्यीकरण और विकास की विस्तृत कार्ययोजना पेश की जाए।

ऐरोली बनेगा मॉडल प्रवेश द्वार

इस योजना के तहत सबसे पहले ऐरोली प्रवेश द्वार के निर्माण को प्राथमिकता दी जाएगी, जिसे एक मॉडल के रूप में विकसित कर बाकी तीन जगहों पर भी उसी तर्ज पर काम तेज किया जाएगा। महापौर ने स्पष्ट किया कि "यह केवल प्रवेश द्वार नहीं होंगे, बल्कि इन्हें पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल मुंबई की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि महानगरपालिका के राजस्व में भी इजाफा होगा।" इन केंद्रों पर हरियाली बढ़ाने और आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ मुंबई की सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी।

बीएमसी मुख्यालय में उच्च स्तरीय बैठक और फंड की योजना

बुधवार को बीएमसी मुख्यालय में हुई एक उच्च स्तरीय संयुक्त बैठक में कई विभागों के अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हुए। महापौर ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए वे खुद सीएसआर फंड जुटाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि बीएमसी के बजट पर अतिरिक्त बोझ न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को तालमेल बिठाकर काम करने की सलाह दी है ताकि जमीन अधिग्रहण और तकनीकी बाधाओं को समय पर दूर किया जा सके। यह प्रोजेक्ट पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है, जिससे आने वाले समय में मुंबई की सीमाओं पर कदम रखते ही लोगों को एक भव्य और स्वच्छ शहर का एहसास होगा।

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Pratahkal Bureau

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