Indelible Ink Controversy : महाराष्ट्र में चुनावी सरगर्मी के बीच उंगली पर लगने वाली 'अमिट स्याही' को लेकर छिड़े विवाद पर राज्य चुनाव आयोग ने अब अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है। सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर स्याही मिटने की खबरों से पैदा हुए संभ्रम को खत्म करते हुए आयोग ने चेतावनी दी है कि स्याही मिटाकर दोबारा मतदान करने की कोशिश करना एक गंभीर अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

मार्कर पेन और स्याही की मजबूती पर स्पष्टीकरण :

चुनाव आयोग ने उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया जिनमें स्याही के आसानी से मिट जाने की बात कही जा रही थी। आयोग ने बताया कि स्थानीय निकाय चुनावों में मार्कर पेन का उपयोग कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह 19 नवंबर 2011 से ही प्रचलन में है।

  • लगाने का तरीका: आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि मार्कर पेन से स्याही को नख और त्वचा पर कम से कम 3-4 बार रगड़कर लगाया जाए ताकि वह अपनी छाप छोड़ दे।
  • अमिट पहचान: यह स्याही इस तरह तैयार की जाती है कि यह त्वचा और नाखून पर गहरी पकड़ बना ले, जिससे इसे तुरंत मिटाना असंभव हो।

सिर्फ स्याही नहीं, 'रिकॉर्ड' रोकेगा फर्जीवाड़ा :

आयोग ने स्पष्ट किया कि मतदान की प्रक्रिया केवल स्याही पर निर्भर नहीं होती। जब कोई मतदाता वोट डालता है, तो मतदान केंद्र पर आधिकारिक रजिस्टर में उसकी विस्तृत प्रविष्टि की जाती है।

"अगर कोई व्यक्ति अपनी उंगली से स्याही मिटाकर दोबारा लाइन में लगने का दुस्साहस करता है, तो भी वह वोट नहीं डाल पाएगा। हमारे पास हर मतदाता का रिकॉर्ड मौजूद है और दोबारा प्रयास करने पर संबंधित व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार किया जा सकता है।" – राज्य चुनाव आयोग

BMC कमिश्नर के नाम पर फैली भ्रामक खबरों का खंडन :

इस मामले में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने भी अपनी चुप्पी तोड़ी है। सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलाई जा रही थी कि बीएमसी कमिश्नर श्री भूषण गगराणी ने स्याही मिटने की बात स्वीकार की है। प्रशासन ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कमिश्नर ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और वायरल हो रही खबरें पूरी तरह निराधार और तथ्यहीन हैं।

Ashiti Joil

Ashiti Joil

यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।

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