कोल्हापुर जिले के करीब 40 हजार वरिष्ठ नागरिकों के लिए मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के तहत लंबित आर्थिक सहायता का रास्ता साफ हो गया है। अनुदान के अभाव में लंबित पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ देने के लिए राज्य सरकार ने 66 करोड़ 57 लाख रुपये का निधि मंजूर किया है। इस फैसले से कोल्हापुर जिले के करीब 40 हजार लाभार्थियों के बैंक खातों में तीन-तीन हजार रुपये जमा होने की जानकारी पूर्व सांसद प्रो. संजय मंडलिक ने दी।

मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के तहत राज्य में आधार प्रमाणीकरण पूरा कर चुके, लेकिन निधि के अभाव में लंबित 2 लाख 21 हजार 620 वरिष्ठ नागरिकों को अब योजना का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने इन पात्र लाभार्थियों के लिए 66 करोड़ 57 लाख रुपये की राशि मंजूर की है।

मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के अंतर्गत राज्य के 65 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक साधन और उपकरण खरीदने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके साथ ही उम्र के कारण होने वाले दिव्यांगत्व से निपटने के उपायों तथा मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान है। 6 फरवरी 2024 के शासन निर्णय के अनुसार राज्य में इस योजना को मंजूरी दी गई थी।

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मुख्यमंत्री वयोश्री योजना के तहत राज्य के बजट में 166 करोड़ 30 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है। इसमें से आधार प्रमाणीकरण पूरा होने के बावजूद निधि के अभाव में लंबित 2 लाख 21 हजार 620 पात्र लाभार्थियों को लाभ देने के लिए 4 सितंबर 2026 के शासन आदेश के तहत 66 करोड़ 57 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।

इस संबंध में पूर्व सांसद प्रो. संजय मंडलिक ने कहा कि लंबित लाभार्थियों को मुख्यमंत्री वयोश्री योजना का लाभ दिलाने के लिए उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे तथा सामाजिक न्याय एवं विशेष सहायता मंत्री संजय सिरसाट के समक्ष लगातार प्रयास किए। प्रत्यक्ष मुलाकातों के साथ ही लिखित पत्रों के माध्यम से किए गए प्रयासों को सफलता मिली है और पहले चरण का निधि मंजूर होने पर संतोष है।

इस निधि से कोल्हापुर जिले के करीब 40 हजार वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता मिलेगी और उनके लिए आवश्यक स्वास्थ्योपयोगी साधन उपलब्ध कराने में मदद होगी। प्रो. मंडलिक ने कहा कि शेष पात्र लाभार्थियों के लिए भी निधि मंजूर कराने के लिए वे आगे भी प्रयास करते रहेंगे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

Next Story