मुदाळतिठ्ठा: कृष्णा हॉस्पिटल में महिला के गर्भाशय से निकाली 3 किलो की गांठ
एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. उमेश बंडगर और सर्जन डॉ. वैशाली पाटील की टीम ने जटिल सर्जरी कर ग्रामीण मरीज को राहत दी।

तस्वीर में दिख रही सर्जरी के दौरान निकाली गई बड़ी मांसल गांठ।
मुदाळतिठ्ठा स्थित कृष्णा मल्टिस्पेशालिटी हॉस्पिटल में 45 वर्षीय महिला के गर्भाशय में मौजूद करीब तीन किलो वजन की बड़ी गाठ को जटिल शल्यक्रिया के जरिए सफलतापूर्वक निकाला गया। इस सफल उपचार से ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होने की बात फिर सामने आई है।
महिला के गर्भाशय में बड़ी गाठ होने का निदान होने के बाद कृष्णा मल्टिस्पेशालिटी हॉस्पिटल के चिकित्सा दल ने शल्यक्रिया करने का निर्णय लिया। सर्जरी से पहले मरीज के रक्त की आवश्यक जांच, एक्स-रे, ईसीजी और सोनोग्राफी समेत अन्य जांचें की गईं। इसके बाद शल्यक्रिया की गई।
हॉस्पिटल की एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. उमेश बंडगर और सर्जन डॉ. वैशाली पाटील ने यह जटिल शल्यक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। ऑपरेशन के दौरान डॉ. उमेश बंडगर ने मरीज को एनेस्थीसिया दिया। स्टाफ प्रसाद गुरव और विजय पाटील ने शल्यक्रिया में सहयोग किया।
चिकित्सा दल ने उचित नियोजन और आवश्यक सावधानी बरतते हुए शल्यक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की। सफल उपचार के बाद मरीज को बड़ी राहत मिली है।
कृष्णा मल्टिस्पेशालिटी हॉस्पिटल, मुदाळतिठ्ठा में ग्रामीण क्षेत्र के आम नागरिकों के लिए विभिन्न स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आसपास के मरीजों को बड़े शहरों में जाने की आवश्यकता कम हो रही है और स्थानीय स्तर पर ही उपचार की सुविधाएं मिल रही हैं। इस सफल शल्यक्रिया से हॉस्पिटल की चिकित्सा सेवाओं के प्रति नागरिकों का विश्वास और मजबूत हुआ है। डॉ. उमेश बंडगर और पूरे चिकित्सा दल का विभिन्न स्तरों पर अभिनंदन किया जा रहा है।
फोटो : कृष्णा मल्टिस्पेशालिटी हॉस्पिटल, मुदाळतिठ्ठा में 45 वर्षीय महिला के गर्भाशय से तीन किलो वजन की गाठ शल्यक्रिया के जरिए निकाली गई।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
