एमपीएससी परीक्षा ऑनलाइन करने के फैसले के खिलाफ लातूर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन, ऑफलाइन परीक्षा की मांग तेज
लातूर में एमपीएससी परीक्षा ऑनलाइन कराने के फैसले के विरोध में हजारों छात्रों ने विशाल मार्च निकाला। ऑफलाइन परीक्षा की मांग को लेकर शासन को चेतावनी भी दी गई।

तस्वीर में छात्र-छात्राएं हाथों में तख्तियां लेकर लातूर में विरोध मार्च के दौरान आगे बढ़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाएं ऑनलाइन कराने के निर्णय को तत्काल वापस लेकर पूर्व की तरह ऑफलाइन पद्धति से परीक्षा आयोजित करने की मांग को लेकर शुक्रवार को लातूर में एमपीएससी की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों ने जोरदार आंदोलन किया। जिला विद्यार्थी समन्वय समिति के नेतृत्व में निकाले गए इस विशाल विरोध मार्च में हजारों छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पार्क से शुरू हुए इस मार्च में विद्यार्थियों ने हाथों में विभिन्न मांगों से जुड़े तख्तियां लेकर शासन के निर्णय के खिलाफ नारेबाजी की और पुराने जिलाधिकारी कार्यालय की ओर कूच किया। "एमपीएससी परीक्षा ऑफलाइन ही होनी चाहिए", "हमारे पसीने और मेहनत की कीमत दीजिए" तथा "विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करो" जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
आंदोलन में शामिल विद्यार्थियों का कहना था कि ऑनलाइन परीक्षा पद्धति के कारण ग्रामीण क्षेत्रों और सामान्य परिवारों से आने वाले अभ्यर्थियों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इंटरनेट सुविधा की कमी, तकनीकी समस्याएं, परीक्षा केंद्रों पर होने वाली असुविधाएं और पारदर्शिता के अभाव के कारण मेहनत करने वाले विद्यार्थियों को नुकसान होने की आशंका है।
मार्च के दौरान विद्यार्थियों ने शासन के निर्णय का कड़ा विरोध जताते हुए एमपीएससी की परीक्षाएं केवल ऑफलाइन पद्धति से आयोजित करने की मांग दोहराई। प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को अपनी मांगों का ज्ञापन भी सौंपा।
ज्ञापन में ऑनलाइन परीक्षा पद्धति को रद्द करने, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और ग्रामीण विद्यार्थियों की समस्याओं को ध्यान में रखने सहित विभिन्न मांगें रखी गई हैं। विद्यार्थी कृती समिति ने चेतावनी दी कि यदि शासन ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को और अधिक तेज करते हुए राज्यव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।
इस आंदोलन के बाद लातूर शहर में विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। अब शासन इस मामले में क्या निर्णय लेता है, इस पर एमपीएससी की तैयारी कर रहे लाखों विद्यार्थियों की नजरें टिकी हुई हैं।

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