नासिक: नासिक के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। नासिक लोकसभा क्षेत्र के सांसद राजाभाऊ वाजे का संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा (UNGA) के कामकाज के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 12 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल में चयन हुआ है। महाराष्ट्र से इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने वाले वे एकमात्र सांसद हैं। उनका यह चयन नासिक के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

राजाभाऊ वाजे 5 से 9 अक्टूबर 2026 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा के विभिन्न समितियों और संबंधित कामकाज में भाग लेंगे। संयुक्त राष्ट्र महासभा दुनिया के 193 सदस्य देशों को एक साथ लाने वाला प्रमुख बहुपक्षीय मंच है। यहां वैश्विक शांति और सुरक्षा, आर्थिक एवं सामाजिक विकास, मानवाधिकार, अंतरराष्ट्रीय कानून, आतंकवाद, सतत विकास सहित विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर चर्चा और नीतिगत विचार-विमर्श होता है।

संसदीय सक्रियता की भी हुई दखल

राजाभाऊ वाजे के चयन को उनके संसदीय कामकाज में सक्रिय सहभागिता की दखल के रूप में भी देखा जा रहा है। 18वीं लोकसभा में उन्होंने नासिक के स्थानीय मुद्दों से लेकर किसानों, प्याज उत्पादकों, रेलवे, राष्ट्रीय राजमार्ग, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और विकास से जुड़े विभिन्न विषयों को लगातार संसद में उठाया है।

संसदीय कामकाज की उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राजाभाऊ वाजे अब तक 100 से अधिक प्रश्न उठा चुके हैं और 36 चर्चाओं में भाग ले चुके हैं। प्याज उत्पादकों के मुद्दों से लेकर नासिक में राष्ट्रीय राजमार्ग, रेलवे सेवाओं, स्वास्थ्य सुविधाओं, किसानों की समस्याओं और स्थानीय विकास के विषयों तक उन्होंने लगातार संसद में अपनी भूमिका रखी है।

नासिक के मुद्दों को संसद के पटल पर लगातार उठाने वाले जनप्रतिनिधि को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर होने वाले कामकाज का अनुभव लेने का अवसर मिलेगा। ऐसे में संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा में उनकी भागीदारी नासिक से जुड़े स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के व्यापक संदर्भ से जोड़ने वाले अवसर के रूप में भी महत्वपूर्ण है।

12 सांसदों के प्रतिनिधिमंडल में बहुदलीय प्रतिनिधित्व

इस संसदीय प्रतिनिधिमंडल में देश के विभिन्न हिस्सों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोकसभा सदस्य शामिल हैं। राजस्थान, त्रिपुरा, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व इस समूह में है। इस विविध प्रतिनिधित्व में महाराष्ट्र और विशेष रूप से नासिक के प्रतिनिधि के रूप में राजाभाऊ वाजे का शामिल होना नासिक के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

नासिक से न्यूयॉर्क तक पहुंचेगा प्रतिनिधित्व

नासिक के मुद्दों के लिए संसद में आवाज उठाने वाले राजाभाऊ वाजे अब संयुक्त राष्ट्र के वैश्विक मंच पर होने वाले कामकाज का हिस्सा बनेंगे। गोदावरी से लेकर प्याज तक, किसानों से लेकर बुनियादी ढांचे तक और स्थानीय विकास से लेकर राष्ट्रीय मुद्दों तक नासिक के विभिन्न विषयों को संसदीय पटल पर उठाने वाले वाजे की यह अंतरराष्ट्रीय भागीदारी नासिक के प्रतिनिधित्व के रूप में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नासिक की आवाज अब केवल दिल्ली के संसद भवन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि न्यूयॉर्क के अंतरराष्ट्रीय मंच तक भी पहुंचेगी। राजाभाऊ वाजे का संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा के कामकाज में शामिल होना उनके संसदीय सफर के साथ-साथ नासिक के प्रतिनिधित्व के लिए भी एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा की इस वर्ष की थीम

संयुक्त राष्ट्र की 81वीं महासभा की इस वर्ष की थीम “Restoring Trust, Managing Transformation: A United Nations That Delivers for All” है। इस व्यापक वैश्विक पृष्ठभूमि में विभिन्न समितियों में अंतरराष्ट्रीय कानून, आतंकवाद, शासन, विकास और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर कामकाज चल रहा है।

5 से 9 अक्टूबर 2026 के दौरान न्यूयॉर्क में होने वाली इन बैठकों में भारत के 12 सदस्यीय संसदीय प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा बनकर राजाभाऊ वाजे संयुक्त राष्ट्र के विभिन्न समितियों और संबंधित कामकाज में भाग लेंगे। महाराष्ट्र से इस प्रतिनिधिमंडल में एकमात्र सांसद के रूप में उनकी मौजूदगी नासिक के संसदीय प्रतिनिधित्व को राष्ट्रीय स्तर से आगे अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी बन गई है।

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