MS-CIT को प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड, 1.7 करोड़ विद्यार्थियों की डिजिटल साक्षरता यात्रा को मिला राष्ट्रीय सम्मान
MS-CIT को डिजिटल लिटरसी श्रेणी में प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड मिला। 1.7 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों की उपलब्धि के साथ AI-सक्षम नए पाठ्यक्रम और मुफ्त AI मास्टरक्लास की शुरुआत।

तस्वीर में (बाएं से दाएं) मंच पर उपस्थित अतिथियों के साथ स्कॉच पुरस्कार का फ्रेम किया हुआ प्रमाणपत्र स्वीकार करते MKCL के प्रबंध निदेशक समीर पांडे और अन्य अधिकारी।
महाराष्ट्र ज्ञान महामंडल मर्यादित (MKCL) के राज्यव्यापी डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम MS-CIT को देश के प्रतिष्ठित स्कॉच अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है। डिजिटल लिटरसी (Digital Literacy) श्रेणी में मिला यह राष्ट्रीय सम्मान पिछले 25 वर्षों से डिजिटल शिक्षा, कौशल विकास और नागरिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में MKCL द्वारा किए गए उल्लेखनीय कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली मान्यता माना जा रहा है।
पिछले ढाई दशकों में MS-CIT के माध्यम से महाराष्ट्र के 1.7 करोड़ से अधिक विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से साक्षर बनाया गया है। इसी उपलब्धि के आधार पर MKCL ने अपने रजत जयंती वर्ष के अवसर पर ‘आपण करूया महाराष्ट्र AI रेडी’ राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत AI-सक्षम नया MS-CIT पाठ्यक्रम, 265 से अधिक क्लिक रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम तथा सभी के लिए निःशुल्क AI मास्टरक्लास उपलब्ध कराया गया है।
नए MS-CIT पाठ्यक्रम में ChatGPT, Microsoft Copilot, Google Gemini और Canva AI सहित 125 से अधिक AI टूल्स के उपयोग के साथ साइबर सुरक्षा, डेटा साक्षरता, क्लाउड कंप्यूटिंग और आधुनिक डिजिटल कौशल को शामिल किया गया है।
इस संबंध में MKCL के प्रबंध निदेशक समीर पांडे ने कहा कि स्कॉच अवॉर्ड पूरे MKCL परिवार, लाखों विद्यार्थियों, अभिभावकों, प्रशिक्षण केंद्रों और महाराष्ट्र शासन के विश्वास का सम्मान है।
इस बीच, www.mscit.ai वेबसाइट पर पंजीकरण कर विद्यार्थी, अभिभावक, शिक्षक, शासकीय कर्मचारी और आम नागरिक 60 मिनट का निःशुल्क AI मास्टरक्लास प्राप्त कर सकेंगे। अनिल गावंडे और सचिन भोईटे ने जानकारी दी कि राज्यभर के 5,000 से अधिक अधिकृत MKCL केंद्रों पर प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
फोटो : MS-CIT डिजिटल साक्षरता पाठ्यक्रम के लिए प्राप्त स्कॉच पुरस्कार स्वीकार करते हुए MKCL के प्रबंध निदेशक समीर पांडे तथा अन्य।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
