खड्डों से बेहाल म्हाकवे–मत्तीवडे मार्ग, मरम्मत नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
म्हाकवे–मत्तीवडे सड़क पर बड़े गड्ढों से यातायात प्रभावित है। मरम्मत नहीं होने पर 10 सितंबर को आंदोलन की चेतावनी दी गई है।

तस्वीर में भारतीय दलित महासंघ के पदाधिकारी जिला परिषद के अधिकारियों को ज्ञापन सौंप रहे हैं।
म्हाकवे से मत्तीवडे के बीच सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे और उखड़ी सड़क के कारण वाहन चालकों, यात्रियों, विद्यार्थियों, महिलाओं और नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क की तत्काल मरम्मत की मांग को लेकर भारतीय दलित महासंघ ने जिला परिषद के निर्माण विभाग को ज्ञापन सौंपा है।
म्हाकवे–मत्तीवडे मार्ग दो राज्यों को जोड़ने वाला और राष्ट्रीय राजमार्ग के समानांतर स्थित महत्वपूर्ण मार्ग है। इसके चलते इस सड़क पर दिन-रात बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही रहती है। हालांकि, सड़क पर बने गड्ढों के कारण वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर यात्रा करनी पड़ रही है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। वाहन चलाते समय भारी मशक्कत करनी पड़ने से यात्रियों को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
सड़क की मरम्मत हुए अभी केवल तीन वर्ष ही हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद फिर से इसकी हालत खराब हो गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि घटिया स्तर के काम के कारण कम समय में ही सड़क खराब हो गई, जिससे सरकारी धन की बर्बादी हुई है। संबंधित ठेकेदार के लापरवाह कामकाज के साथ ही अधिकारियों की ओर से रखरखाव और मरम्मत की अनदेखी किए जाने का भी आरोप लगाया गया है।
भारतीय दलित महासंघ ने सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए घटिया काम की जांच कराने, संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने तथा सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने की मांग की है।
इस बीच, सड़क की तत्काल मरम्मत नहीं किए जाने पर गुरुवार, 10 सितंबर 2026 को जिला परिषद के निर्माण कार्यालय के सामने ‘अर्धनग्न बोंब मारो’ आंदोलन करने की चेतावनी ज्ञापन के माध्यम से दी गई है।
ज्ञापन पर श्रीकांत कांबळे (आप्पा), संतोष कांबळे, अनिल पुजारी, राजू चौगुले, अनिकेत कांबळे, प्रशांत खिलारे, शिवाजी कांबळे और रमेश कांबळे सहित अन्य के हस्ताक्षर हैं।
फोटो : म्हाकवे–मत्तीवडे सड़क की खराब स्थिति को लेकर जिला परिषद के निर्माण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपते भारतीय दलित महासंघ के तालुकाध्यक्ष संतोष कांबळे, श्रीकांत कांबळे और अन्य पदाधिकारी।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।
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