मराठी मनोरंजन जगत में एक नई और रोमांचक सिनेमाई पेशकश जल्द ही दर्शकों के सामने आने जा रही है, जिसका नाम है ‘घबाडकुंड’। रहस्य, थ्रिल और भय के अनोखे मिश्रण से सजी यह फिल्म अपने गूढ़ कथानक और रहस्यमयी वातावरण के कारण पहले ही चर्चा में है। इसे मराठी सिनेमा में पहले रहस्यमय ‘यूनिवर्स’ की शुरुआत के रूप में भी देखा जा रहा है, जो 19 जून को बड़े पर्दे पर रिलीज़ होने के लिए तैयार है।

मुख्य समाचार:

‘घबाडकुंड’ की कहानी एक ऐसे रहस्यमय स्थान के इर्द-गिर्द घूमती है, जहाँ अतीत की अनसुलझी घटनाएँ आज भी लोगों के मन में भय और कौतूहल पैदा करती हैं। इस रहस्य से जुड़ी घटनाएँ स्थानीय लोगों के जीवन में डर और जिज्ञासा का अद्भुत मिश्रण पैदा करती हैं। जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, कुछ पात्र इस रहस्य की परतें खोलने के लिए आगे बढ़ते हैं और दर्शकों को एक अप्रत्याशित और रोमांचक यात्रा पर ले जाते हैं।

यह फिल्म मराठी सिनेमा में पहली बार एक भव्य ‘यूनिवर्स’ के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्देशन प्रीतम एस. के. पाटील ने किया है, जबकि इसे ‘आयकॉन दी स्टाईल’ संस्था के निर्माता डॉ. रसिक कदम का सहयोग प्राप्त हुआ है।

फिल्म में शशांक शेंडे, संदीप पाठक, देवदत्त नागे, कुशल बद्रिके, प्राजक्ता हनमघर, स्मिता पायगुडे-अंजुटे, वैष्णवी कल्याणकर, रॉकी देशमुख, आरोही भोईर, योगेश प्रकाश तनपुरे और साहिल अनलदेवर जैसे कई दमदार कलाकार शामिल हैं, जो अपने अभिनय से कहानी को और प्रभावशाली बनाते हैं।

कथानक को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए इसका लेखन संजय नवगिरे और अक्षय धरमपाल ने किया है, जबकि गीतों की रचना नयूम पठाण ने की है। कला निर्देशन की जिम्मेदारी योगेश इंगले ने संभाली है। छायांकन योगेश कोळी का है और संपादन सौमित्र धाराशिवकर ने किया है। फिल्म के बैकग्राउंड म्यूजिक और तकनीकी पक्ष में दक्षिण भारत के प्रसिद्ध फाइट मास्टर कार्तिक की अहम भूमिका रही है, जबकि बैकग्राउंड संगीत की जिम्मेदारी अभिनय जगताप ने निभाई है। रि-रिकॉर्डिंग मिक्सिंग सुजित शिंगारे और साउंड डिज़ाइन मानव श्रोत्रिय (एमपीएससी) द्वारा किया गया है। फिल्म के मैनेजर विष्णु घोरपड़े हैं।

‘घबाडकुंड’ न केवल मराठी बल्कि दक्षिण भारतीय भाषाओं में भी रिलीज़ की जाएगी, जिससे इसका दायरा और प्रभाव दोनों व्यापक होने की उम्मीद है। रहस्य, थ्रिल और सिनेमाई भव्यता से भरपूर यह फिल्म दर्शकों को अंत तक बांधे रखने का वादा करती है।

NIyaj Jamadar, Kolhapur

NIyaj Jamadar, Kolhapur

क्राइम रिपोर्टर एवं संवाददाता 

नियाज निजाम जमादार एक अनुभवी और समर्पित पत्रकार हैं, जिन्होंने पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रहकर विशेष रूप से अपराध, कानून-व्यवस्था और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों की रिपोर्टिंग में अपनी पहचान बनाई है। उनकी निष्पक्ष, तथ्यपरक और जमीनी पत्रकारिता ने उन्हें क्षेत्र में एक विश्वसनीय क्राइम रिपोर्टर के रूप में स्थापित किया है।

पत्रकारिता के अपने लंबे सफर में उन्होंने साप्ताहिक प्रगत धारा, दर्शन पुलिस टाइम, सतर्क पुलिस टाइम तथा दैनिक बंधुता जैसे प्रतिष्ठित समाचार माध्यमों के साथ कार्य किया है। इन संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने अपराध जगत, पुलिस प्रशासन, सामाजिक घटनाओं और नागरिक समस्याओं से जुड़ी अनेक महत्वपूर्ण खबरों को प्रमुखता से पाठकों तक पहुंचाया।

वर्तमान में वे प्रातःकाल में संवाददाता (क्राइम बीट) के रूप में कार्यरत हैं। उनका कार्यक्षेत्र कोल्हापुर शहर है, जहां वे अपराध, पुलिस कार्रवाई, कानून-व्यवस्था, सामाजिक घटनाओं और जनहित से जुड़े विषयों पर सटीक एवं प्रभावशाली रिपोर्टिंग कर रहे हैं।

नियाज जमादार का मानना है कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच एक मजबूत सेतु है। सत्य, निष्पक्षता और जनहित के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ही उनकी पत्रकारिता की सबसे बड़ी पहचान है। प्रातःकाल के साथ जुड़कर वे अपने अनुभव और पेशेवर दृष्टिकोण के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय एवं प्रभावशाली समाचार पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।

Next Story