वाशिम में ओलावृष्टि का कहर: वनोजा में पपीते की फसल तबाह, किसान ने की मुआवजे की मांग
वाशिम जिले के वनोजा गांव में अचानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश ने पपीते की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया। तीन एकड़ की खेती प्रभावित होने के बाद किसान ने प्रशासन से तत्काल पंचनामा और मुआवजे की मांग की है।

वाशिम जिले की मंगरूलपीर तहसील के वनोजा गांव में 23 जून को दोपहर में हुई भारी ओलावृष्टि के बाद खेत में नष्ट होकर गिरे पपीते के पौधे।
जिले के मंगरूलपीर तहसील अंतर्गत वनोजा गांव में सोमवार दोपहर हुई अचानक ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। कालापानी तालाब क्षेत्र के आसपास हुई तेज ओलावृष्टि और बारिश से पपीते की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे प्रभावित किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं।
जानकारी के अनुसार, 23 जून को दोपहर करीब 3 बजे वनोजा क्षेत्र में अचानक मौसम ने करवट ली और तेज बारिश के साथ ओले गिरने लगे। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे अधिक असर स्थानीय अल्पभूधारक किसान कांबले की खेती पर पड़ा। उनकी लगभग तीन एकड़ कृषि भूमि में तैयार खड़ी पपीते की फसल ओलावृष्टि और तेज बारिश की मार से पूरी तरह जमीन पर गिर गई।
किसान कांबले ने बताया कि फसल को हुए नुकसान से उन्हें भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है। पपीते की खेती में किए गए निवेश और लंबे समय की मेहनत पर इस आपदा ने गंभीर असर डाला है। खेत में खड़ी फसल के नष्ट होने से आगामी आय के स्रोत पर भी संकट मंडरा रहा है।
घटना के बाद किसान ने संबंधित प्रशासनिक और कृषि विभाग से तत्काल मौके का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार करने तथा नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रभावित किसानों को शीघ्र राहत मिलना आवश्यक है, ताकि वे इस नुकसान से उबर सकें।
वनोजा क्षेत्र में हुई इस ओलावृष्टि ने एक बार फिर मौसम की अनिश्चितता के बीच किसानों की बढ़ती चुनौतियों को उजागर कर दिया है। अब प्रभावित किसान प्रशासन की कार्रवाई और राहत सहायता का इंतजार कर रहे हैं।

Pratahkal Bureau
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