मांगनूर से महामार्ग हटाने की मांग तेज, 7 सितंबर से ग्रामस्थ देंगे आंदोलन की चेतावनी
मांगनूर गांव से राज्य महामार्ग क्रमांक 189 ले जाने के प्रस्ताव का ग्रामस्थों ने विरोध किया है। गांव के बाहर से वैकल्पिक मार्ग की मांग को लेकर 7 सितंबर से रास्ता रोको और आमरण अनशन की चेतावनी दी गई है।

तस्वीर में मांगनूर गांव के ग्रामीण राज्य महामार्ग को गांव के बाहर से निकालने की मांग को लेकर मंत्री हसन मुश्रीफ को ज्ञापन सौंपते हुए नजर आ रहे हैं।
कोल्हापुर : विजय मोरबाळे
कूर-गारगोटी-गडहिंग्लज-नागणवाडी राज्य महामार्ग क्रमांक 189 को मांगनूर (ता. कागल) गांव के बीच से न ले जाकर गांव के बाहर से वैकल्पिक मार्ग से निकाला जाए, इस मांग को लेकर मांगनूर के ग्रामस्थों ने आक्रामक रुख अपनाया है। शासन ने तत्काल सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 7 सितंबर से अनिश्चितकालीन रास्ता रोको आंदोलन और आमरण अनशन शुरू करने की चेतावनी ग्रामस्थों ने दी है। इस संबंध में वैद्यकीय शिक्षण एवं विशेष सहायता मंत्री हसन मुश्रीफ को ज्ञापन सौंपा गया।
ग्रामस्थों की ओर से आप्पासाहेब तांबेकर, धनाजीराव तोरस्कर, सागर मोहिते, पंडित चव्हाण, सर्जेराव जाधव, कृष्णात शिंदे, अण्णासाहेब पाटील, सर्जेराव भांदिगरे और सुरेश तोरस्कर के नेतृत्व में 200 से अधिक ग्रामस्थों ने ज्ञापन दिया। ज्ञापन की प्रतियां मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, पालकमंत्री प्रकाशराव आंबिटकर, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील, सार्वजनिक निर्माण एवं सड़क विकास मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, जिलाधिकारी, जिला परिषद तथा सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
ज्ञापन में कहा गया है कि मांगनूर गांव पहले से बसा हुआ है और इसके बाद गांव से होकर सड़क बनाई गई। वर्तमान में सड़क के दोनों ओर करीब 100 से 125 पक्के मकान हैं। कई परिवार तीन पीढ़ियों से यहां रह रहे हैं। प्रस्तावित सड़क को गांव के भीतर चौड़ा किए जाने पर इन मकानों के प्रभावित होने तथा कई परिवारों के बेघर होने की स्थिति पैदा होने की आशंका ग्रामस्थों ने जताई है।
गांव की सड़क संकरी है और कुछ स्थानों पर खतरनाक मोड़ भी हैं। ऐसे में भारी वाहनों की बढ़ती आवाजाही से दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ने की आशंका है। ग्रामस्थों के अनुसार, इससे पहले भी गांव के बाहर से सड़क निकालने के लिए तीन से चार बार सर्वेक्षण हो चुका है और वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध है। इसके बावजूद यदि महामार्ग को गांव के भीतर से ले जाया गया तो बड़ी जनहानि और आर्थिक नुकसान होने की संभावना है, ऐसा दावा ग्रामस्थों ने किया है।
ग्रामस्थों ने बताया कि इससे पहले भी विभिन्न ज्ञापनों के माध्यम से रास्ता रोको आंदोलन किए गए हैं, लेकिन शासन की ओर से अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसलिए अगले 15 दिनों में लिखित रूप से सकारात्मक निर्णय नहीं हुआ तो पूरा गांव सड़क पर उतरकर अनिश्चितकालीन रास्ता रोको आंदोलन और आमरण अनशन शुरू करेगा। ग्रामस्थों की इस चेतावनी से राज्य महामार्ग क्रमांक 189 को मांगनूर गांव के बाहर से ले जाने की मांग एक बार फिर प्रमुखता से सामने आई है।

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