जमीन नाम पर नहीं फिर भी मिलेगा ‘महिला किसान प्रमाणपत्र’, महाकृषि पोर्टल से आवेदन शुरू
महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तीकरण अधिनियम 2026 के तहत जमीन या सातबारा नाम पर नहीं होने पर भी खेती करने वाली महिलाओं को महिला किसान प्रमाणपत्र मिलेगा। महाकृषि पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन शुरू हो गया है।

शिरपुर। शिरपुर तालुका और त-हाड़ी क्षेत्र की महिलाओं को कृषि क्षेत्र में आधिकारिक पहचान दिलाने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। ‘महाराष्ट्र महिला किसान सशक्तीकरण अधिनियम 2026’ के तहत अब अपने नाम पर जमीन या सातबारा उतारा नहीं होने के बावजूद प्रत्यक्ष खेती या कृषि से जुड़े व्यवसाय में कार्यरत महिलाओं को ‘महिला किसान प्रमाणपत्र’ मिलेगा। इस प्रमाणपत्र के लिए कृषि विभाग के ‘महाकृषि पोर्टल’ के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह जानकारी शिरपुर तालुका कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने दी।
‘कल्याण कर्तव्य की विभाग, महाराष्ट्र शासन’ के अनुसार, जो महिलाएं प्रत्यक्ष फसल उत्पादन, खेती के काम, पशुपालन, कुक्कुटपालन, मधुमक्खी पालन, मत्स्यपालन, बीज उत्पादन या अन्य कृषि से जुड़े व्यवसायों में कार्यरत हैं, वे इस प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कर सकती हैं। इससे जमीन का स्वामित्व अपने नाम पर नहीं होने के बावजूद खेती में प्रत्यक्ष योगदान देने वाली महिलाओं को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधिकारिक पहचान मिल सकेगी।
महिला किसान प्रमाणपत्र के लिए ‘महाकृषि पोर्टल’ पर ‘किसान सेवा आवेदन’ सुविधा में जाकर आधार कार्ड के अनुसार पूरा नाम, जिला, तालुका और गांव की जानकारी भरनी होगी। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करना होगा। इसके बाद महिला द्वारा खेती या कृषि से जुड़े व्यवसाय में किए जा रहे कार्य का प्रकार चुनकर आवेदन ऑनलाइन जमा करना होगा। यह जानकारी भी शिरपुर तालुका कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने दी।
महिला किसान प्रमाणपत्र के माध्यम से गोपीनाथ मुंडे किसान सुरक्षा दुर्घटना सानुग्रह अनुदान योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता खुल जाएगा। साथ ही भविष्य में कृषि और महिला सशक्तीकरण से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ देते समय इस प्रमाणपत्र को आधार बनाया जाएगा।
ऑनलाइन आवेदन जमा होने के बाद वह संबंधित गांव के सहायक कृषि अधिकारी के पास पहुंचेगा। कृषि विभाग की ओर से आवेदन की जांच के साथ प्रत्यक्ष सत्यापन किया जाएगा। पात्रता सही पाए जाने पर आवेदन को मंजूरी दी जाएगी और ऑनलाइन माध्यम से महिला किसान प्रमाणपत्र वितरित किया जाएगा।
शिरपुर कृषि विभाग की ओर से तालुका कृषि अधिकारी कैलास गोपाल ने जमीन अपने नाम पर नहीं होने के बावजूद प्रत्यक्ष खेती करने वाली महिलाओं से इस सुविधा का लाभ लेने का आह्वान किया है। इससे कृषि और कृषि से जुड़े कार्यों में प्रत्यक्ष योगदान देने वाली महिलाओं को सरकारी योजनाओं के लिए आधिकारिक पहचान मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।

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