BMC Election में महायुति की बड़ी जीत; बहुमत का आंकड़ा किया पार
BMC Election Results 2026 : बीएमसी समेत महाराष्ट्र के 29 नगर निगमों के चुनाव रुझानों में भाजपा के नेतृत्व वाली महायुति ने निर्णायक बढ़त बना ली है। बीएमसी में बहुमत का आंकड़ा पार करते हुए गठबंधन सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरा, जबकि उद्धव और राज ठाकरे की पार्टियां पीछे रहीं। ये नतीजे राज्य की शहरी राजनीति की दिशा तय करते दिख रहे हैं।

BMC Election Results : महाराष्ट्र की शहरी राजनीति की दिशा तय करने वाली मतगणना के बीच बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) सहित राज्य के 29 नगर निगमों के चुनाव रुझानों ने सियासी तस्वीर लगभग साफ कर दी है। शुक्रवार दोपहर तक सामने आए आधिकारिक रुझानों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने स्पष्ट बढ़त बना ली है। खासतौर पर बीएमसी में महायुति का बहुमत के आंकड़े को पार करना इस चुनाव की सबसे बड़ी राजनीतिक घटना बनकर उभरा है।
बीएमसी, जिसका बजट हजारों करोड़ रुपये का है और जिसे देश का सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है, वहां सत्ता की दौड़ में भाजपा गठबंधन सबसे मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहा है। इसके उलट, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की पार्टियों का प्रदर्शन शुरुआती अनुमानों से कमजोर रहा है, जिससे मुंबई की राजनीति में एक बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
बीएमसी में महायुति का दबदबा :
चुनाव आयोग द्वारा जारी दोपहर तक के रुझानों के अनुसार—
- महायुति गठबंधन कुल 119 वार्डों में आगे
- इनमें भाजपा 88 वार्डों में बढ़त पर
- मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना 31 वार्डों में आगे
इन आंकड़ों के साथ भाजपा बीएमसी में सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत बनकर उभरी है और गठबंधन को निर्णायक बढ़त मिलती दिख रही है।
‘ठाकरे ब्रदर्स’ की पार्टियों का कमजोर प्रदर्शन :
जहां महायुति का ग्राफ ऊपर गया, वहीं ‘ठाकरे ब्रदर्स’ की संयुक्त राजनीतिक ताकत अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतर सकी—
- उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी): 64 वार्डों में बढ़त
- राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस): केवल 6 वार्डों में बढ़त
- राजनीतिक समीकरणों और संभावित एकजुटता की चर्चाओं के बावजूद दोनों दल भाजपा गठबंधन के मुकाबले काफी पीछे नजर आए।
राज्यभर में भी भाजपा गठबंधन का पलड़ा भारी :
मुंबई के बाहर भी रुझान भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के पक्ष में रहे। राज्य के 29 नगर निगमों में—
- भाजपा 909 वार्डों में आगे
- सहयोगी शिवसेना 237 वार्डों में बढ़त बनाए हुए
- ये आंकड़े शहरी महाराष्ट्र में भाजपा गठबंधन की मजबूत पकड़ को दर्शाते हैं।
पुणे बना गठबंधन की अग्निपरीक्षा :
पुणे नगर निगम के नतीजों पर भी खास नजर रही। यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दो प्रतिद्वंद्वी गुट—अजीत पवार और शरद पवार—ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा। पुणे में सामने आ रहे रुझानों को जमीनी स्तर पर इस गठबंधन की व्यवहार्यता की कसौटी के तौर पर देखा जा रहा है।
मतदान का व्यापक पैमाना :
- 29 नगर निगमों के 893 वार्डों में मतदान
- कुल 2,869 सीटों के लिए चुनाव
- 15,931 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
- अकेले मुंबई में लगभग 1,700 उम्मीदवार मैदान में
राजनीतिक मायने :
बीएमसी और अन्य नगर निगमों के ये रुझान न सिर्फ स्थानीय निकायों की सत्ता का फैसला कर रहे हैं, बल्कि महाराष्ट्र की भविष्य की राजनीति के संकेत भी दे रहे हैं। महायुति की बढ़त जहां सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए संबल बन रही है, वहीं विपक्षी दलों के लिए यह आत्ममंथन का क्षण साबित हो सकती है। अंतिम नतीजों के साथ यह स्पष्ट होगा कि शहरी महाराष्ट्र में सत्ता का संतुलन किस दिशा में स्थायी रूप से झुकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
