उचगांव स्थित महावीर महाविद्यालय में आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर संत परंपरा को समर्पित कबीरपंथी भजन कार्यक्रम, संत अभंग निरूपण स्पर्धा तथा विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का उत्साहपूर्ण आयोजन किया गया। महाराष्ट्र की संत परंपरा और मानवता के संदेश को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

महाविद्यालय में "माझे संत, माझे अभंग" उपक्रम के अंतर्गत मराठी, हिंदी और अंग्रेजी इन तीन भाषाओं में संत अभंग निरूपण स्पर्धा आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में कुल 113 विद्यार्थियों ने सहभागिता दर्ज कर संत साहित्य का अध्ययनपरक परिचय प्रस्तुत किया।

विद्यार्थियों को कबीरपंथी संप्रदाय के विचारों से परिचित कराने के उद्देश्य से आयोजित भजन कार्यक्रम में दत्त भजनी मंडल, शिपूर (ता. मिरज) के कलाकारों ने संत कबीर के दोहे और भजनों की प्रस्तुति देकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

इस अवसर पर प्रा. नंदकुमार मोरे ने कहा कि संत परंपरा के प्रति युवाओं में बढ़ रही रुचि समाज के लिए आशाजनक है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के संतों द्वारा प्रतिपादित समता, सहिष्णुता और मानवता के विचारों का व्यापक प्रसार समय की आवश्यकता है।

प्राचार्य डॉ. अद्वैत जोशी के हाथों प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही भजनी मंडल के बाल कलाकारों के उत्कृष्ट प्रस्तुतीकरण की सराहना करते हुए उन्हें प्राचार्य ने अपने स्वखर्च से पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विद्यार्थी तुपट ने संत तुकाराम के वेश में प्रभावशाली एकांकिका प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों की सराहना प्राप्त की।

कार्यक्रम का आयोजन मराठी विभाग के प्रमुख डॉ. शरद गायकवाड, डॉ. गोमटेश्वर पाटील, सयाजी गायकवाड तथा सांस्कृतिक विभाग की ओर से किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रा. प्रकाश कांबळे और प्रा. संध्या जाधव ने किया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक, विद्यार्थी तथा विभिन्न क्षेत्रों के कलाकार उपस्थित रहे।

फोटो परिचय : उचगांव स्थित महावीर महाविद्यालय में आयोजित कबीरपंथी भजन एवं संत अभंग निरूपण स्पर्धा के विजेताओं को प्राचार्य डॉ. अद्वैत जोशी पुरस्कार प्रदान करते हुए। इस अवसर पर डॉ. शरद गायकवाड, डॉ. गोमटेश्वर पाटील, सयाजी गायकवाड तथा अन्य मान्यवर भी उपस्थित रहे।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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