थाईलैंड में प्रतिमाह 70 हजार रुपये वेतन वाली नौकरी का लालच देकर महाराष्ट्र के 25 से अधिक युवकों को विदेश ले जाने और वहां से बंदूक के दम पर अवैध रूप से म्यांमार पहुंचाकर जबरन साइबर अपराध कराने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि इन युवकों से ऑनलाइन आर्थिक ठगी, हनी ट्रैप और साइबर अपराधों से जुड़े कार्य जबरदस्ती कराए जा रहे हैं। इनमें नासिक के कुछ युवक भी शामिल बताए जा रहे हैं।

पीड़ितों के अनुसार, म्यांमार पहुंचते ही उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए गए। उन्हें प्रतिदिन 17 से 18 घंटे तक ऑनलाइन धोखाधड़ी से जुड़े काम करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। काम करने से इनकार करने पर उनके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की जाती है। इन युवकों में नासिक सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों के युवक शामिल हैं। साथ ही इस समूह में दो महिलाओं के भी फंसे होने की जानकारी सामने आई है।

म्यांमार में फंसे युवकों ने महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन से संपर्क कर मदद की गुहार लगाई है। इसके बाद गिरीश महाजन ने बताया कि राज्य सरकार, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय तथा बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास के साथ समन्वय स्थापित कर संबंधित युवकों की सुरक्षित रिहाई के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं।

दक्षिण-पूर्व एशिया में विदेशी नौकरी का झांसा देकर युवाओं को म्यांमार स्थित साइबर स्कैम केंद्रों तक ले जाने और वहां उनसे जबरन ऑनलाइन ठगी करवाने के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में भारत के अनेक नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि विदेश में नौकरी स्वीकार करने से पहले संबंधित कंपनी, एजेंट और वीजा प्रक्रिया की गहन जांच-पड़ताल अवश्य करें, ताकि इस प्रकार के साइबर स्लेवरी और मानव तस्करी के जाल से बचा जा सके।

Pratahkal Bureau

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