महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षण मंडल की ओर से आयोजित दसवीं (SSC) फरवरी-मार्च 2026 परीक्षा का परिणाम शुक्रवार, 8 मई को ऑनलाइन घोषित कर दिया गया। इस वर्ष राज्य का कुल परिणाम 92.09 प्रतिशत दर्ज किया गया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परिणाम में लगभग 2 प्रतिशत की गिरावट आई है।

राज्यभर से कुल 15,55,026 विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया था। इनमें से 15,42,472 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 14,20,486 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए।

हर वर्ष की तरह इस बार भी लड़कियों ने परिणाम में बाजी मारी है। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 94.96 दर्ज किया गया, जबकि लड़कों का परिणाम 89.56 प्रतिशत रहा। लड़कियों की सफलता दर लड़कों की तुलना में 5.40 प्रतिशत अधिक रही।

एक समय पूरे राज्य में चर्चित रहा ‘लातूर पैटर्न’ लगातार कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। बारहवीं के बाद अब दसवीं के परिणाम में भी लातूर विभाग नीचे से दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। लातूर विभाग का परिणाम 88.42 प्रतिशत रहा, जबकि सबसे कम परिणाम छत्रपति संभाजीनगर विभाग का 88.41 प्रतिशत दर्ज किया गया।

इस बीच कोकण विभाग ने एक बार फिर राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। कोकण विभाग का परिणाम 97.62 प्रतिशत रहा। इसके बाद कोल्हापुर विभाग 95.47 प्रतिशत, मुंबई विभाग 94.97 प्रतिशत, पुणे विभाग 94.24 प्रतिशत, नाशिक विभाग 90.53 प्रतिशत, अमरावती विभाग 90.50 प्रतिशत, नागपुर विभाग 89.07 प्रतिशत, लातूर विभाग 88.42 प्रतिशत तथा छत्रपति संभाजीनगर विभाग 88.41 प्रतिशत परिणाम के साथ क्रमशः शामिल रहे।

राज्य की 6,612 स्कूलों का परिणाम शत-प्रतिशत दर्ज किया गया है। वहीं 4 लाख 82 हजार विद्यार्थियों ने प्रथम श्रेणी में सफलता प्राप्त की है। इस वर्ष राज्य की 23,683 स्कूलों के विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था और परीक्षा राज्यभर के 5,111 केंद्रों पर आयोजित की गई थी।

दिव्यांग विद्यार्थियों ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। दिव्यांग वर्ग से 10,031 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया था। इनमें से 9,912 विद्यार्थी परीक्षा में शामिल हुए और 9,042 विद्यार्थी उत्तीर्ण घोषित किए गए। उनकी सफलता दर 91.22 प्रतिशत रही।

मंडल की ओर से जारी जानकारी के अनुसार राज्य के विभिन्न विषयों में 20 विषयों का परिणाम शत-प्रतिशत दर्ज किया गया है।

कॉपी प्रकरणों में इस बार नाशिक विभाग सबसे आगे रहा। नाशिक विभाग में 82 कॉपी प्रकरण सामने आए। इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर में 71, अमरावती में 67, नागपुर में 46, मुंबई में 44, लातूर में 42, पुणे में 42, जबकि कोल्हापुर और कोकण विभाग में 4-4 मामले दर्ज किए गए।

परिणाम घोषित होते ही राज्यभर के स्कूलों, महाविद्यालयों और सोशल मीडिया पर उत्साह का माहौल देखने को मिला। ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए उल्लेखनीय सफलता हासिल कर अपनी मेहनत का परचम लहराया। दसवीं परीक्षा परिणाम ने एक बार फिर राज्य की शैक्षणिक प्रतिस्पर्धा, विभागीय प्रदर्शन और बदलते शैक्षणिक समीकरणों को केंद्र में ला खड़ा किया है।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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