महाराष्ट्र की सियासत में भूचाल; शिंदे-राज की भेंट पर Raut का अटैक
शिंदे-राज ठाकरे की मुलाकात से महाराष्ट्र की राजनीति में उबाल। संजय राउत का हमला- 'शिंदे ने बालासाहेब की पीठ में छुरा घोंपा'। जानें क्या हैं नए सियासी समीकरण।

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Maharashtra Politics News : महाराष्ट्र की राजनीति में समीकरणों का बदलना और पुराने मतभेदों का मिटना कोई नई बात नहीं है, लेकिन बुधवार, 18 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के आधिकारिक निवास 'नंदनवन' में हुई राज ठाकरे और शिंदे की मुलाकात ने राज्य के सियासी तापमान को चरम पर पहुँचा दिया है। हाल ही में संपन्न हुए महानगरपालिका और जिला परिषद चुनावों के बाद हुई इस पहली औपचारिक भेंट ने न केवल सत्तापक्ष के बीच बढ़ती नजदीकियों को उजागर किया है, बल्कि उद्धव ठाकरे गुट (Shiv Sena UBT) के खेमे में भी खलबली मचा दी है।
जासूसी और पीठ में छुरा : राउत का सीधा हमला
शिवसेना (UBT) के कद्दावर नेता और सांसद संजय राउत ने इस मुलाकात पर अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली में प्रतिक्रिया दी। राउत ने तंज कसते हुए कहा, "हम उनकी जासूसी नहीं कर रहे हैं, कौन किससे मिलता है यह उनका विषय है।" हालांकि, अपने शब्दों की धार तेज करते हुए उन्होंने एकनाथ शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए। राउत ने कहा कि शिंदे ने बालासाहेब ठाकरे की शिवसेना की पीठ में छुरा घोंपा है और उनके विचार पूरी तरह से दिल्ली की शक्तियों (नरेंद्र मोदी और अमित शाह) के इशारे पर संचालित हैं। उन्होंने शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार को 'बेईमानी का स्वर्ग' करार दिया।
सियासी समीकरण और नगर निगमों का गणित :
इस मुलाकात के पीछे की असली वजह केवल शिष्टाचार नहीं, बल्कि स्थानीय निकायों में सत्ता का गणित भी माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने कल्याण-डोम्बिवली नगर निगम (KDMC) चुनावों में मनसे पार्षदों द्वारा शिवसेना को दिए गए समर्थन के लिए राज ठाकरे का आभार व्यक्त किया। इसके बदले में राज ठाकरे ने भी आश्वासन दिया है कि मनसे महानगरपालिका के जनकल्याणकारी कार्यों में अपना सहयोग जारी रखेगी।
महानगरपालिका चुनाव २०२६ : एक तुलनात्मक नजरिया (टेबल)
पार्टी / गठबंधन | स्थिति (BMC चुनाव 2026 के बाद) | मुख्य प्रभाव क्षेत्र |
महायुती (BJP + शिंदे शिवसेना) | सत्ता हासिल करने में सफल | मुंबई, कल्याण-डोम्बिवली |
MVA (UBT + NCP + MNS) | वर्चस्व में कमी | ठाणे, नासिक |
MNS (राज ठाकरे) | 'किंगमेकर' की भूमिका | KDMC, मुंबई के चुनिंदा वार्ड |
ठाकरे भाइयों की एकजुटता और बढ़ती दूरियां
गौरतलब है कि पिछले महीने बीएमसी चुनावों के दौरान लगभग दो दशक बाद राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे एक मंच पर नजर आए थे। राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि 'ठाकरे ब्रांड' की वापसी होगी, लेकिन नतीजों ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बीजेपी ने अविभाजित शिवसेना के तीन दशक पुराने गढ़ (BMC) को ढहाते हुए सत्ता पर कब्जा कर लिया। अब राज ठाकरे का शिंदे की ओर बढ़ता झुकाव यह संकेत देता है कि महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया 'पावर सेंटर' आकार ले रहा है, जो उद्धव ठाकरे के लिए आने वाले विधानसभा चुनावों में बड़ी चुनौती पेश कर सकता है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
