महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के जन्मदिन के अवसर पर यूनाइटेड रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (UWFI) और देवाभाऊ केसरी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में संचालित महत्वाकांक्षी सामाजिक एवं खेल पहल 'पहलवान दत्तक योजना 2026-27' का शुभारंभ मंगलवार को मुंबई के मलबार हिल स्थित सेवा सदन बंगले में उत्साहपूर्ण वातावरण में किया गया। इस योजना के तहत महाराष्ट्र के 11 होनहार एवं प्रतिभाशाली पहलवानों को छात्रवृत्ति स्वीकृति पत्र, मानधन और खेल सामग्री वितरित की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र सरकार के आपदा प्रबंधन एवं जलसंपदा मंत्री गिरीशभाऊ महाजन थे। उनके हाथों चयनित सभी पहलवानों को चयन पत्र, छात्रवृत्ति स्वीकृति पत्र और मानधन प्रदान किया गया।

योजना के अंतर्गत सोहम सुनील कुंभार, ज्ञानवी अर्जुन पाटील, संग्राम नितीन खुर्द, रणवीर समिंदर जाधव, श्रीकर भास्कर नायकवडी, वैष्णवी शंकर पाटील, वीरेन अरुण पाटील, हर्षल आनंद घाटके, विश्वजीत धर्मेंद्र सावंत, पियुष दादासो शेवाळे तथा व्यंकटेश चोरगे का चयन किया गया है।

कार्यक्रम में ट्रिपल महाराष्ट्र केसरी पै. नरसिंग यादव (पुलिस उपायुक्त, मुंबई), ट्रिपल महाराष्ट्र केसरी पै. विजय चौधरी (सहायक पुलिस आयुक्त, नवी मुंबई) तथा डबल महाराष्ट्र केसरी पै. चंद्रहार पाटील सहित कुश्ती जगत की अनेक प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं।

इस अवसर पर गिरीशभाऊ महाजन ने कहा, "महाराष्ट्र को कुश्ती की समृद्ध परंपरा विरासत में मिली है। ग्रामीण क्षेत्रों के अनेक प्रतिभाशाली खिलाड़ी आर्थिक कठिनाइयों के कारण उचित अवसरों से वंचित रह जाते हैं। 'पहलवान दत्तक योजना' केवल आर्थिक सहायता देने वाली योजना नहीं, बल्कि युवा पहलवानों के सपनों को नई ताकत देने वाला सामाजिक अभियान है। उद्योग जगत, सामाजिक संस्थाओं और दानदाताओं के सहयोग से इन दोनों संस्थाओं के माध्यम से भविष्य में 50 पहलवानों को दत्तक लेने का हमारा लक्ष्य है। चयनित पहलवान अनुशासन, कठोर परिश्रम और निरंतर प्रयास के बल पर महाराष्ट्र और देश का नाम राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें।"

यूनाइटेड रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष काजी अब्दुल मतीन ने कहा, "इस योजना में चयनित अधिकांश बच्चे किसान और सामान्य परिवारों से आते हैं। आर्थिक अभाव के कारण किसी भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी का सपना अधूरा न रहे, यही इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। नई पीढ़ी के होनहार पहलवान तैयार करना हमारी फेडरेशन का लक्ष्य है और इस योजना का पूरे महाराष्ट्र में विस्तार करने के लिए हम प्रयासरत हैं।"

देवाभाऊ केसरी फाउंडेशन के अध्यक्ष रोहित पटेल ने कहा, "पहलवान दत्तक योजना केवल छात्रवृत्ति योजना नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों की कुश्ती संस्कृति को नई ऊर्जा देने वाला अभियान है। यदि समाज के विभिन्न वर्ग आगे आएं तो महाराष्ट्र से अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान तैयार किए जा सकते हैं। भविष्य में इस योजना का विस्तार और व्यापक स्तर पर करने का हमारा उद्देश्य है।"

यूनाइटेड रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के सचिव दत्तात्रय जाधव ने अपने प्रास्ताविक संबोधन में कहा, "राजर्षि छत्रपति शाहू महाराज के समय तथा उसके बाद अनेक चीनी मिलों ने पहलवानों को दत्तक लेकर उन्हें आर्थिक सहयोग दिया था। उसी प्रेरणा से आधुनिक समय में इस अवधारणा को नए स्वरूप में शुरू करने का प्रयास किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, पोषण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने में यह योजना महत्वपूर्ण साबित होगी।"

इस योजना के लिए भीमराव पाटील, समिंदर जाधव, रामदास देसाई, ज्ञानेश्वर आस्वले, जालिंदर देशमुख, संजय जाधव, राहुल जाधव, आनंदा पाटील और अभिजीत पाटील ने चयन समिति के सदस्य के रूप में कार्य किया।

कार्यक्रम में कुश्ती जगत के अनेक गणमान्य व्यक्ति, प्रशिक्षक, अभिभावक, विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, खेल प्रेमी तथा बड़ी संख्या में युवा पहलवान उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने 'पहलवान दत्तक योजना 2026-27' का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि यह पहल महाराष्ट्र की कुश्ती को नई दिशा और मजबूती प्रदान करेगी।

Pratahkal Bureau

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