महाराष्ट्र में भाड़े पर घरों के लिए नया धोरण पेश, हितधारकों से सक्रिय सुझाव मांगे गए
महाराष्ट्र में भाड़े पर घरों के लिए नया नीति प्रारूप पेश किया गया। ‘म्हाडा’ ने हितधारकों के साथ चर्चा सत्र आयोजित कर सुझाव मांगे। नई नीति परवडनशील, पारदर्शी और सभी आय वर्गों के लिए आवास उपलब्ध कराने पर केंद्रित है। स्मार्ट रेंटल हाउसिंग पोर्टल के माध्यम से भाड़े की प्रक्रिया आसान होगी।

मुंबई, 19 नवंबर 2025: महाराष्ट्र राज्य में भाड़े पर घरों की उपलब्धता को लेकर नई दिशा तय करने का अवसर सामने आया है। ‘म्हाडा’ ने राज्य के भाड़ेतत्त्वावरीय घरों के लिए तैयार किए गए नए नीति प्रारूप का सादरीकरण व हितधारकों के साथ चर्चा सत्र आयोजित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व ‘म्हाडा’ के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री संजीव जयस्वाल ने किया।
श्री जयस्वाल ने कहा कि यह नीति मसौदा चार मूलभूत सिद्धांतों—परवडनशीलता, समावेशिता, पारदर्शिता और सरलता—पर आधारित है। उन्होंने बताया कि बदलती सामाजिक और आर्थिक परिस्थितियों में युवा पीढ़ी के लिए लचीले, गतिशील और सुलभ आवास विकल्प उपलब्ध कराना अत्यावश्यक है।
वांद्रे में आयोजित सत्र में मसौदे के प्रमुख बिंदु, रणनीतिक भूमिका और आगे की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। श्री जयस्वाल ने स्पष्ट किया कि यह धोरण राज्य के गृह सुरक्षा ढांचे में एक दूरदर्शी और प्रगतिशील कदम साबित होगा। उन्होंने हितधारकों, संस्थाओं, निजी विकासकों और विशेषज्ञों से अधिकतम सक्रिय भागीदारी की अपील की।
नवीनतम मसौदा सभी आय वर्गों के लिए भाड़ेतत्त्वावरीय घर उपलब्ध कराने, शहरी परिवर्तन के लिए रणनीतिक उपकरण तैयार करने, राष्ट्रीय गृह निर्माण व शहरी नीति के अनुरूप प्रणाली विकसित करने और सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। नीति का लक्ष्य छात्रों, परियोजना प्रभावितों, मेडिकल पेशेवरों, विभिन्न आय वर्गों के नागरिकों, वरिष्ठ नागरिकों, पर्यटकों, प्रवासी कामगारों, कामकाजी महिलाओं और बेघर लोगों तक पहुंच सुनिश्चित करना है।
मास्टर प्लान के कार्यान्वयन के लिए स्मार्ट रेंटल हाउसिंग पोर्टल विकसित करने का प्रस्ताव भी शामिल है। इसके माध्यम से भाड़े की प्रक्रिया, रख-रखाव, उपलब्धता, दस्तावेज़ प्रबंधन, ऑनलाइन स्टाम्प ड्यूटी और पंजीकरण जैसी सभी प्रक्रियाएँ एक प्लेटफॉर्म पर सरलता से उपलब्ध होंगी।
श्री जयस्वाल ने यह भी बताया कि निजी विकासकों की भागीदारी बढ़ाने हेतु जीएसटी, स्टाम्प ड्यूटी, पंजीकरण शुल्क, संपत्ति कर में छूट, विकास शुल्क में 50% रियायत, टीडीआर के लाभ, एफएसआई शिथिलीकरण तथा आयकर छूट जैसी प्रोत्साहनात्मक योजनाएँ प्रस्तावित हैं। आवश्यकता पड़ने पर ‘म्हाडा अधिनियम’ में संशोधन की संभावना भी शामिल की गई है।
कार्यक्रम में नवी मुंबई महानगरपालिके के आयुक्त श्री कैलास शिंदे, कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के आयुक्त श्री अभिनव गोयल, श्री निरंजन हिरानंदानी और श्री बोमन इराणी सहित औद्योगिक, निर्माण और आवासीय संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और हितधारक सुझावों के महत्व पर जोर दिया।
श्री अनिल वानखड़े और श्री अभय कुलकर्णी ने कार्यक्रम का प्रास्ताविक और संचालन किया। नई नीति के कार्यान्वयन से महाराष्ट्र में भाड़ेतत्त्वावरीय घरों का प्रबंधन सुरक्षित, पारदर्शी और अधिक परवडनशील बनेगा, जिससे राज्य की शहरी आवासीय चुनौतियों का समाधान अपेक्षाकृत सुगमता से किया जा सकेगा।
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