महाराष्ट्र राज्य बोर्ड परीक्षा में लातूर विभाग का परिणाम 84.14 प्रतिशत रहा, जिसे नकल मुक्त और पारदर्शी परीक्षा पद्धति के कारण 'ईमानदारी का नमूना' माना जा रहा है।

महाराष्ट्र राज्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा आयोजित कक्षा 12वीं की परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं, जिसमें राज्य का कुल परिणाम 89.79 प्रतिशत रहा है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार परिणामों में 2.09 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। राज्य के कुल 9 विभागीय मंडलों में 94.14 प्रतिशत के साथ कोंकण विभाग शीर्ष पर रहा है, जबकि लातूर विभाग का परिणाम 84.14 प्रतिशत के साथ सबसे निचले पायदान पर आया है। हालांकि, शिक्षा जगत में चर्चा छिड़ गई है कि यह परिणाम 'कम' नहीं बल्कि ईमानदारी का एक ‘बावनकशी’ यानी शुद्ध नमूना है।

जहाँ अन्य विभागीय मंडलों में नकल के हजारों मामले दर्ज किए गए, वहीं लातूर मंडल में केवल 36 नकल प्रकरण ही सामने आए। अंकों का प्रतिशत भले ही कम नजर आ रहा हो, परंतु पारदर्शी और अनुशासित परीक्षा पद्धति ने लातूर मंडल की विशिष्टता को पुनः रेखांकित किया है। इस वर्ष के परिणामों में एक बार फिर लड़कियों ने बाजी मारी है। लड़कियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.15 रहा, जबकि लड़कों का प्रतिशत 86.80 दर्ज किया गया, जिससे स्पष्ट है कि लड़कियां लड़कों से 6.35 प्रतिशत आगे रही हैं।

राज्य भर में कुल 14 लाख से अधिक छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 12.86 लाख छात्र सफल हुए हैं। विशेष रूप से, कुल 153 विषयों में से 26 विषयों का परिणाम शत-प्रतिशत रहा है। इसी बीच, लातूर जिले के 34 केंद्रों पर 3 मई को आयोजित होने वाली नीट यूजी 2026 परीक्षा के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिसमें लगभग 16,300 छात्र सम्मिलित होंगे। कुल मिलाकर, लातूर का परिणाम भले ही आंकड़ों में कम हो, लेकिन अपनी ईमानदारी और शुचिता के कारण 'लातूर पैटर्न' एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

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