महाराष्ट्र में गुटखा और सुगंधित तंबाकू की अवैध बिक्री तथा भंडारण पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। अब गुटखा बनाने, भंडारण करने या उसकी तस्करी एवं परिवहन में शामिल लोगों के खिलाफ सीधे मकोका (MCOCA - Maharashtra Control of Organised Crime Act) के तहत कार्रवाई करने के निर्देश खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने दिए हैं। गुटखा बिक्री के संगठित रैकेट संचालित करने वाले गिरोहों पर मकोका लगाने का यह महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

शिरपुर में लंबे समय से अनेक प्रयासों के बावजूद घरों के पुरुष सदस्य गुटखे की लत नहीं छोड़ रहे थे। इसके कारण कई परिवारों में नशा छोड़ने को लेकर लगातार विवाद की स्थिति बनी रहती थी। हालांकि, खाद्य एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त के रूप में तुकाराम मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद गुटखे की जड़ों को समाप्त करने और उसकी आपूर्ति श्रृंखला तोड़ने की दिशा में सख्त अभियान शुरू किया गया। इसके परिणामस्वरूप गुटखे की आवाजाही लगभग ठप हो गई है।

स्थिति यह है कि शिरपुर शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी पिछले आठ-दस दिनों से गुटखा मिलना मुश्किल हो गया है। गांवों, तालुका और पूरे महाराष्ट्र में सोशल मीडिया से लेकर चौक-चौराहों तक खाद्य एवं औषधि प्रशासन की कार्रवाई चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है। गुटखे के आदी लोग अब चोरी-छिपे तीन गुना कीमत पर गुटखा तलाशते हुए नजर आ रहे हैं, जबकि कई लोग इसे व्यसन छोड़ने का अच्छा अवसर भी बता रहे हैं।

इस कार्रवाई से सबसे अधिक राहत उन परिवारों को मिली है, जहां गुटखे की लत के कारण लगातार तनाव बना रहता था। परिवारों की महिलाओं ने इस अभियान का स्वागत करते हुए इसे घरों को फिर से संभलने का अवसर बताया है। महिला वर्ग का कहना है कि व्यसन के कारण बिखरते परिवार अब धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहे हैं और इसका पूरा श्रेय तुकाराम मुंढे की सख्त कार्रवाई को जाता है।

पिछले सप्ताह भर के दौरान तालुका और जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर करोड़ों रुपये मूल्य का अवैध गुटखा जब्त किया है। तुकाराम मुंढे के आयुक्त बनने के बाद विभागीय कर्मचारियों में भी कार्रवाई को लेकर स्पष्ट अनुशासन और जवाबदेही का माहौल बना है।

शिरपुर के युवा संगठनों ने भी 'व्यसनमुक्त शहर, समृद्ध शहर' अभियान चलाने का संकल्प व्यक्त किया है। लगातार हो रही कार्रवाई के कारण अवैध गुटखे की आपूर्ति श्रृंखला टूटती दिखाई दे रही है और पान की दुकानों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि, शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्थानों पर अब भी चोरी-छिपे गुटखे की बिक्री जारी होने की बात सामने आ रही है।

आयुक्त तुकाराम मुंढे के निर्देश पर महाराष्ट्रभर में खाद्य एवं औषधि प्रशासन की छापेमारी लगातार जारी है। कड़े कानून और सख्त कार्रवाई के भय से छोटे-बड़े अनेक दुकानदारों ने गुटखे की बिक्री बंद कर दी है। नागरिकों का मानना है कि यह अभियान लगातार जारी रहना चाहिए, ताकि अवैध गुटखा कारोबार पूरी तरह समाप्त हो सके और व्यसन के कारण प्रभावित परिवारों को स्थायी राहत मिल सके।

Pratahkal Bureau

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