विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए महाराष्ट्र सरकार नई योजना की रूपरेखा तैयार कर रही है।

लाडकी बहिण योजना के बाद अब महाराष्ट्र सरकार एकल महिलाओं के लिए नई योजना लाने की तैयारी में है।
महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना के बाद अब एकल महिलाओं के लिए अलग योजना लाने की तैयारी शुरू हो गई है। वर्ष 2024 में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू हुई लाडकी बहिण योजना लोकप्रिय हुई थी, लेकिन ई-केवाईसी प्रक्रिया के बाद लाखों महिलाएं इस योजना से बाहर हो गईं। इसे लेकर विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए। अब राज्य सरकार एकल महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सहारा देने के लिए नई योजना लाने की दिशा में काम कर रही है।
इस प्रस्तावित योजना का लाभ उन महिलाओं को मिल सकता है, जो अकेले अपने परिवार की जिम्मेदारी उठा रही हैं। इनमें विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और आजीवन अविवाहित महिलाएं शामिल होंगी। राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री चंद्रकांत पाटील ने एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना की शुरुआती जानकारी दी। योजना का मुख्य उद्देश्य अकेले परिवार का भरण-पोषण करने वाली महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक स्थिरता प्रदान करना है।
राज्य सरकार यह पता लगाने के लिए आंकड़े जुटा रही है कि महाराष्ट्र में कुल कितनी एकल महिलाएं हैं। एक अनुमान के मुताबिक, राज्य में ऐसी महिलाओं की संख्या 12 लाख से अधिक है। इनमें विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और आजीवन अविवाहित महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं अपने बच्चों की शिक्षा से लेकर परिवार की आजीविका तक की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। मेहनत करके परिवार का खर्च चलाने वाली इन महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लाडकी बहिण योजना की तर्ज पर अलग योजना लाने की तैयारी की जा रही है।
हालांकि, प्रस्तावित योजना की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से जल्द ही इसकी घोषणा किए जाने की संभावना है। योजना का लाभ किन महिलाओं को मिलेगा, इसके लिए क्या पात्रता होगी और कौन-से नियम एवं शर्तें लागू होंगी, इसकी आधिकारिक जानकारी घोषणा के समय जारी की जाएगी।
इस नई योजना की तैयारी के तहत शिक्षा विभाग शुरुआती स्तर पर आंकड़े जुटा रहा है। ऐसे विद्यार्थियों की जानकारी एकत्र की जा रही है, जिनके पिता नहीं हैं। इसके लिए स्कूलों और कॉलेजों से डेटा जुटाया जा रहा है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राज्य में 3 लाख से अधिक एकल महिलाओं का आधिकारिक रिकॉर्ड सामने आया है। अब तहसील और गांव स्तर पर भी जानकारी एकत्र की जाएगी। इस प्रक्रिया के बाद महाराष्ट्र में एकल महिलाओं की कुल संख्या का आधिकारिक आंकड़ा सामने आने की उम्मीद है।
राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य उन महिलाओं तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था तैयार करना है, जो अकेले अपने परिवार की जिम्मेदारी निभा रही हैं। फिलहाल आंकड़े जुटाने का काम जारी है और योजना की पात्रता, नियमों तथा आर्थिक सहायता से जुड़ी विस्तृत जानकारी की घोषणा का इंतजार है।

