मुंबई। राज्य सरकार ने सोमवार को कहा कि वह बैंकों द्वारा सोना मूल्यांकनकर्ताओं को दिए जाने वाले मानदेय के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करेगी। विधान परिषद में गोल्ड लोन मूल्यांकन में लगे ज्वैलर्स द्वारा सामना की जाने वाली कम फीस और बढ़ते जोखिमों के संबंध में उठाई गई चिंताओं के बाद यह निर्णय लिया गया है।

विधान परिषद में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव और ज्वैलर्स की चुनौतियां

सहकारिता मंत्री पंकज भोयर विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चित्रा वाघ द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे। चित्रा वाघ ने इस बात पर प्रकाश डाला था कि गोल्ड लोन लेनदेन में वित्तीय और कानूनी जिम्मेदारी वहन करने के बावजूद मूल्यांकनकर्ताओं को बहुत कम भुगतान किया जाता है। ज्वैलर्स द्वारा सामना किए जा रहे इन जोखिमों और असंतुलित मानदेय के विषय पर सदन में विस्तृत चर्चा हुई।

सरकार का रुख और भविष्य की रणनीति

सहकारिता मंत्री भोयर ने कहा कि "एसओपी को अंतिम रूप देने से पहले सरकार विधायकों से परामर्श करेगी", हालांकि उन्होंने संकेत दिया कि फीस संरचना में सीधा हस्तक्षेप सीमित हो सकता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य एक ऐसी प्रक्रिया विकसित करना है जो बैंकों और मूल्यांकनकर्ताओं के बीच एक संतुलित व्यवस्था स्थापित कर सके।

Pratahkal Bureau

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