राज्य उत्पादन शुल्क विभाग में 1088 नए पदों पर भर्ती शुरू, मैट की रोक से 34% पद रिक्त, 6 नए अधीक्षक कार्यालय बने
राज्य उत्पादन शुल्क विभाग में 1088 नए पदों पर भर्ती शुरू हो गई है। मैट की रोक से 34% पद रिक्त हैं, जबकि 6 नए अधीक्षक कार्यालय भी शुरू किए गए हैं।

राज्य उत्पादन शुल्क विभाग में नवमंजूर 1,088 नियमित पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालांकि, महाराष्ट्र प्रशासकीय न्यायाधिकरण (मैट) द्वारा संवर्ग-3 के कुछ पदों की भर्ती पर लगाई गई स्थगन के कारण विभाग में रिक्त पदों का प्रतिशत बढ़कर 34 प्रतिशत हो गया है। यह जानकारी वैद्यकीय शिक्षण मंत्री हसन मुश्रीफ ने महाराष्ट्र विधानसभा के पावसाळी अधिवेशन के दौरान विधानपरिषद में दी।
विधानपरिषद की सदस्य श्रीमती उमा खापरे द्वारा प्रस्तुत आधा घंटा चर्चा संबंधी सूचना का उत्तर देते हुए मंत्री हसन मुश्रीफ ने विभाग में रिक्त पदों, भर्ती प्रक्रिया और राजस्व लक्ष्यों से जुड़ी विस्तृत जानकारी सदन के समक्ष रखी।
मंत्री मुश्रीफ ने बताया कि 31 जुलाई 2025 को राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के लिए 1,088 नए नियमित पदों को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद विभाग का कुल स्वीकृत पदसंख्या ढांचा बढ़कर 4,926 पदों का हो गया है।
उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ पद महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) के माध्यम से सीधी भर्ती द्वारा भरे जा रहे हैं, जबकि शेष पद पदोन्नति के जरिए भरे जा रहे हैं। हालांकि, संवर्ग-3 के पदों की भर्ती प्रक्रिया पर मैट द्वारा लगाई गई स्थगन के कारण नियुक्तियों में विलंब हो रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही यह स्थगन हटेगा, विभाग के कामकाज और भर्ती प्रक्रिया को और गति मिलेगी।
काम के बढ़ते दायरे को देखते हुए विभाग ने मुंबई उपनगर, ठाणे, पुणे, नाशिक, नागपुर और अहिल्यानगर जैसे छह बड़े जिलों में राज्य उत्पादन शुल्क विभाग के स्वतंत्र अधीक्षक कार्यालय शुरू किए हैं। मंत्री मुश्रीफ ने कहा कि इससे विभागीय कार्य अधिक प्रभावी और तेज़ गति से संचालित हो सकेगा।
उन्होंने बताया कि भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के लिए महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) को 309 पदों का मांगपत्र भेजा गया है। वहीं, शेष पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरने की प्रक्रिया विभागीय स्तर पर जारी है।
राजस्व संग्रह के संबंध में मंत्री हसन मुश्रीफ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए विभाग को 3,257.05 करोड़ रुपये का लक्ष्य दिया गया था, जिसके मुकाबले 2,995.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 3,751.80 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें जून 2026 के अंत तक 688.30 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया जा चुका है। विभाग में रिक्त पदों को भरने और प्रशासनिक ढांचे के विस्तार की दिशा में जारी यह प्रक्रिया आने वाले समय में विभागीय कार्यक्षमता और राजस्व संग्रह दोनों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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