महाराष्ट्र में जल्द घोषित होगा सूखा, मुश्रीफ बोले- किसानों को मिलेगी भरपाई
महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति के बीच हसन मुश्रीफ ने दो-तीन दिनों में सूखा घोषित करने और फसल नुकसान का पंचनामा कर भरपाई का भरोसा दिया।

तस्वीर में हसूर खुर्द में आयोजित किसान मेले में मंच से भाषण देते हुए मंत्री हसन मुश्रीफ नजर आ रहे हैं।
कोल्हापुर के कागल तालुका स्थित हसूर खुर्द में आयोजित किसान मेले में वैद्यकीय शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने राज्य में सूखे की स्थिति को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में फसलें संकट में हैं और प्राकृतिक आपदा के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी है। सरकार किसानों को इस संकट में अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है और अगले दो-तीन दिनों में राज्य में सूखा घोषित किया जाएगा। साथ ही उन्होंने किसानों से घबराने के बजाय संयम बनाए रखने की अपील की।
हसूर खुर्द में आयोजित किसान मेले में प्रमुख अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए हसन मुश्रीफ ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दो दिन पहले हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सूखा-सदृश्य स्थिति घोषित की है। जल्द ही कृषि सहायक, तलाठी और ग्रामसेवक किसानों के खेतों तक पहुंचकर फसलों के नुकसान का पंचनामा करेंगे। जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, उन सभी को नुकसानभरपाई दिलाने के लिए सरकार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि यह किसानों की सरकार है और संकट के समय किसानों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्री मुश्रीफ ने पानी की स्थिति को लेकर भी किसानों को सतर्क किया। उन्होंने बताया कि चिकोत्रा परियोजना को भरने में देरी हुई है और वर्तमान में यह 92 प्रतिशत भरी है। ऐसे में आने वाले समय में चिकोत्रा और नागनवाड़ी दोनों बांधों पर पानी का दबाव पड़ने की संभावना है। उन्होंने किसानों से उपलब्ध पानी का पूरे वर्ष के लिए नियोजन करने और पानी का किफायती इस्तेमाल करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर संजयबाबा घाटगे ने कहा कि किसानों के जीवन में समृद्धि देखकर संतोष होता है। वर्तमान सूखे की स्थिति के बावजूद फसलों को पर्याप्त पानी मिले और भरपूर उत्पादन हो, ऐसी अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि मंत्री हसन मुश्रीफ के सहयोग से गांव में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हुए हैं। आगे भी दोनों गुटों ने एकजुट होकर और आनंदपूर्वक रहना चाहिए, ऐसी इच्छा उन्होंने व्यक्त की।
माजी सरपंच तथा तालुका संघ के संचालक अंकुश पाटील ने कहा कि मंत्री हसन मुश्रीफ आम लोगों के अधिकारों के लिए खड़े रहने वाले व्यक्ति हैं। उनके माध्यम से गांव में करीब 95 प्रतिशत विकास कार्य पूरे हुए हैं।
कार्यक्रम में शशिकांत खोत, सुनील चौगले, सूर्याजी घोरपडे, धनाजी तोरस्कर, दीपक सोनार, दिनेश मुसले, आनंदा जाधव, ए. जी. साळोखे, दत्तात्रय गडकरी, उपसरपंच सुभाष माने, बाबूराव भोसले, पुरुषोत्तम साळोखे, अशोक दाभोळे सहित ग्रामपंचायत सदस्य, विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारी, महिलाएं और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
प्रमुख अतिथियों का लेझीम दल और वारकरियों ने ताल-मृदंग की गूंज के बीच स्वागत किया। सरपंच सुभाष गडकरी ने स्वागत किया। विनायक जाधव ने अपने विचार व्यक्त किए, जबकि विशाल जाधव ने आभार माना।
फोटो : हसूर खुर्द में आयोजित किसान मेले में मार्गदर्शन करते हुए वैद्यकीय शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ। इस दौरान मंच पर संजयबाबा घाटगे, शशिकांत खोत, अंकुश पाटील, सुभाष गडकरी और अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

Vijay Morbale, Kolhapur
पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)
शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा
परिचय:
विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।
कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:
विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।
पत्रकारिता का दृष्टिकोण:
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ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।
