बुलेट पर सवार होकर विधानसभा पहुंचे सीएम; जानें क्या इस कदम से सच में होगी ईंधन की बचत?
महाराष्ट्र सीएम फडणवीस पीएम मोदी की अपील पर मोटरसाइकिल से पहुंचे विधानसभा। ईंधन संरक्षण के लिए सरकारी काफिलों में 50% कटौती और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार गुरुवार को मुंबई में ईंधन संरक्षण का संदेश देने के लिए मोटरसाइकिल से विधान भवन जाते हुए।
Devendra Fadnavis motorcycle ride assembly : महाराष्ट्र की राजनीति में गुरुवार को उस समय एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिला जब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपने पारंपरिक लाव-लश्कर और भारी सुरक्षा घेरे को छोड़कर एक नई भूमिका में नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मई की रैली में की गई ईंधन संरक्षण की अपील को अमलीजामा पहनाते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस खुद मोटरसाइकिल चलाकर विधानसभा पहुंचे। वर्षा बंगले से विधान भवन तक के इस सफर में उनके साथ कैबिनेट मंत्री आशीष शेलार भी बाइक पर सवार होकर निकले। मौका था नवनिर्वाचित एमएलसी के शपथ ग्रहण समारोह का, लेकिन चर्चा का केंद्र मुख्यमंत्री का यह 'राइडर अवतार' बन गया। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था पर बढ़ते कच्चे तेल के आयात के बोझ को कम करने के लिए वर्क-फ्रॉम-होम, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग और कारपूलिंग जैसी रणनीतियों पर जोर दिया था, जिसे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने एक व्यक्तिगत उदाहरण पेश कर आगे बढ़ाया है।
इस प्रतीकात्मक कदम के साथ ही महाराष्ट्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर भी बड़े नीतिगत बदलावों की घोषणा कर दी है। राज्य सरकार ने मंत्रियों के आधिकारिक काफिलों में गाड़ियों की संख्या को आधा करने और बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) की हिस्सेदारी बढ़ाने का आधिकारिक आदेश जारी किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 107 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने के बाद देश पर बढ़ते आर्थिक दबाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री के समर्थकों ने इसे 'उदाहरण पेश करने वाला नेतृत्व' करार दिया है, वहीं विपक्ष और आलोचकों ने इसे एक प्रचार स्टंट बताते हुए तर्क दिया कि भारी मोटरसाइकिलों का ईंधन खर्च कभी-कभी सामान्य कारों से भी अधिक हो सकता है। हालांकि, यह पहल केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह द्वारा भी अपने काफिलों में कटौती कर देश के भारी तेल आयात बिल को कम करने की दिशा में किए जा रहे राष्ट्रव्यापी प्रयासों का हिस्सा है।
Maharashtra CM @Dev_Fadnavis today travelled by bike from his Varsha Residence to Vidhan Bhawan in Mumbai. pic.twitter.com/a3gfca75ze
— Reema Parashar (@RheemaParashar) May 14, 2026
यह घटनाक्रम भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वीआईपी संस्कृति में आ रहे बदलावों की ओर इशारा करता है। मुख्यमंत्री का यह सफर केवल वर्षा बंगले से विधान भवन तक की दूरी तय करने के लिए नहीं था, बल्कि यह आम जनता को एक संदेश देने का प्रयास था कि देश की आर्थिक स्थिरता के लिए व्यक्तिगत त्याग और अनुशासन की आवश्यकता है। सरकार का मानना है कि यदि शीर्ष नेतृत्व इस तरह के कदम उठाता है, तो इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि जनता के बीच भी एक सकारात्मक संदेश जाएगा। जैसे-जैसे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहरा रहा है, महाराष्ट्र सरकार की यह पहल आने वाले समय में अन्य राज्यों के लिए भी एक मार्गदर्शक सिद्धांत बन सकती है, जहां आधुनिक तकनीक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के समन्वय से एक आत्मनिर्भर भविष्य की नींव रखी जा रही है।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
