महाराष्ट्र को बड़ी सौगात, कैबिनेट ने 19,142 करोड़ के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को दी मंजूरी
महाराष्ट्र में नासिक–अक्कलकोट के बीच 374 किमी लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को कैबिनेट से मंजूरी, 19,142 करोड़ की लागत, यात्रा समय में 17 घंटे की बचत, माल ढुलाई में सुधार और स्थानीय रोजगार सृजन का बड़ा अवसर।

Maharashtra greenfield expressway approval : महाराष्ट्र में नासिक से अक्कलकोट तक 374 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के निर्माण को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने मंजूरी दे दी है। यह परियोजना BOT (टोल) मॉडल पर विकसित की जाएगी और इसकी अनुमानित लागत 19,142 करोड़ रुपये रखी गई है।
नासिक, अहिल्यानगर और सोलापुर जैसे महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ने वाला यह नया एक्सप्रेसवे कर्नूल तक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा और पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत एकीकृत परिवहन ढांचे को मजबूत करेगा। परियोजना का उद्देश्य यात्रा समय में कटौती करना, माल ढुलाई की दक्षता बढ़ाना और राष्ट्रीय औद्योगिक नोड्स तक तेज़ और सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के बनने से यात्रा का समय लगभग 17 घंटे कम होगा और दूरी में 201 किलोमीटर की कमी आएगी। दिल्ली–मुंबई एक्सप्रेसवे, आगरा–मुंबई कॉरिडोर और समृद्धि महामार्ग से जुड़ने के कारण यह पश्चिमी तट से पूर्वी तट तक सीधी और तेज़ कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। छह लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड डिजाइन उच्च गति, सुरक्षित और बिना रुकावट ट्रैफिक के लिए तैयार किया गया है, जिससे जाम कम होगा, ईंधन और संचालन लागत घटेगी और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सरकार ने यह भी बताया कि इस परियोजना से करीब 251 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष और 313 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होगा, जिससे नासिक, अहिल्यानगर, धाराशिव और सोलापुर जिलों में समग्र आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा। इस परियोजना से न केवल स्थानीय बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी, बल्कि महाराष्ट्र और देश के औद्योगिक और व्यापारिक नेटवर्क में भी नया सुधार देखने को मिलेगा।

Ashiti Joil
यह प्रातःकाल में कंटेंट रायटर अँड एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। यह गए 3 सालों से पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इन्होंने लोकसत्ता, टाईम महाराष्ट्र, PR और हैट मीडिया में सोशल मीडिया कंटेंट रायटर के तौर पर काम किया है। इन्होंने मराठी साहित्य में मास्टर डिग्री पूर्ण कि है और अभी ये यूनिवर्सिटी के गरवारे इंस्टीट्यूड में PGDMM (Marthi Journalism) कर रही है। यह अब राजकरण, बिजनेस , टेक्नोलॉजी , मनोरंजन और क्रीड़ा इनके समाचार बनती हैं।
