मडीलगे स्थित दौलत विद्यामंदिर में गोकुळाष्टमी के अवसर पर ग्रंथप्रदर्शन और ‘ज्ञानाची हंडी’ उपक्रम आयोजित किया गया। मौनी विद्यापीठ संचालित आचार्य जावडेकर शिक्षणशास्त्र महाविद्यालय, गारगोटी के शालेय आंतरवासिता टप्पा-२ के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रशाला की मुख्याध्यापिका एस. एस. पाटील ने की, जबकि प्रमुख अतिथि एवं मार्गदर्शिका एस. आर. बाड उपस्थित रहीं। विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि विकसित करने, विभिन्न विषयों का ज्ञान प्राप्त कराने और वाचन संस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से ग्रंथप्रदर्शन का आयोजन किया गया।

प्रदर्शन में विभिन्न विषयों की पुस्तकें, संदर्भग्रंथ, कथा-कादंबरी तथा शैक्षणिक साहित्य प्रदर्शित किया गया। विद्यार्थियों ने प्रदर्शन में उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए विभिन्न पुस्तकों की जानकारी ली।

गोकुळाष्टमी की पृष्ठभूमि में ‘ज्ञानाची हंडी’ उपक्रम भी आयोजित किया गया। श्रीकृष्ण की बाललीलाओं से संबंधित वातावरण तैयार करते हुए ज्ञान, संस्कार, वाचन और भारतीय संस्कृति का संगम किया गया। विद्यार्थियों ने इस उपक्रम में उत्स्फूर्त सहभागिता दर्ज कराई।

इस अवसर पर छात्रमुख्याध्यापिका पी. ए. पाटील, छात्रउपमुख्याध्यापक एस. टी. चव्हाण तथा बी.एड. द्वितीय वर्ष के सभी छात्र-प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे।

अध्यक्षीय मनोगत में एस. एस. पाटील ने विद्यार्थियों से नियमित वाचन की आदत विकसित कर अपने ज्ञान का विस्तार करने का आह्वान किया। प्रमुख अतिथि एवं मार्गदर्शिका एस. आर. बाड ने उपक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को वाचन का महत्व समझाया। दौलत विद्यामंदिर में आयोजित इस ग्रंथप्रदर्शन और ‘ज्ञानाची हंडी’ उपक्रम ने विद्यार्थियों के बीच वाचन को केंद्र में रखते हुए शैक्षणिक सहभागिता का अवसर प्रदान किया।

Vijay Morbale, Kolhapur

Vijay Morbale, Kolhapur

पद: क्षेत्रीय संवाददाता (कोल्हापुर)

शिक्षा: बी.एससी (केमिस्ट्री), ग्रामीण पत्रकारिता एवं जनसंचार में पीजी डिप्लोमा

परिचय:

विजय गुंडू मोरबाळे महाराष्ट्र के कोल्हापुर क्षेत्र के एक समर्पित और अनुभवी जमीनी पत्रकार हैं। शिवाजी विश्वविद्यालय से बी.एससी (केमिस्ट्री) की डिग्री हासिल करने के बाद, उन्होंने पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर में बदला। उन्होंने शिवाजी विश्वविद्यालय के 'ग्रामीण पत्रकारिता और जनसंचार' कोर्स में सदाशिवराव मंडलिक महाविद्यालय (मुरगुड) में प्रथम स्थान प्राप्त किया है, जो ग्रामीण और स्थानीय मुद्दों पर उनकी गहरी समझ को दर्शाता है।

कार्यक्षेत्र और विशेषज्ञता:

विजय मुख्य रूप से कोल्हापुर जिले के कागल, मुरगुड, अदमापुर और भुदरगड जैसे क्षेत्रों में सक्रिय हैं। 'निकाल न्यूज' जैसे प्रतिष्ठित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थानीय पत्रकारिता में अपनी पहचान बनाने के बाद, अब वे 'प्रातःकाल' (pratahkal.in) के डिजिटल नेटवर्क से जुड़े हैं। वे स्थानीय राजनीति, सामाजिक सरोकार, अपराध (क्राइम) और क्षेत्र के ऐतिहासिक व धार्मिक मंदिरों से जुड़ी महत्वपूर्ण खबरों को सटीकता से जनता तक पहुँचाते हैं।

पत्रकारिता का दृष्टिकोण:

सकारात्मक और समाजोपयोगी पत्रकारिता में गहरा विश्वास रखने वाले विजय हमेशा उन खबरों को प्राथमिकता देते हैं जो समाज में बदलाव ला सकें। हाल ही में जून 2026 में, एक सेवानिवृत्ति समारोह में हार-फूलों की जगह अनाज इकट्ठा कर जरूरतमंदों को बांटने की एक अनूठी सामाजिक पहल को उन्होंने प्रमुखता से कवर किया था, जिसे काफी सराहना मिली।

ग्रामीण भारत की आवाज और स्थानीय विकास की खबरों को डिजिटल माध्यमों पर मजबूती से रखने के लिए विजय मोरबाळे लगातार प्रयासरत हैं।

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