लातूर जिले में न्यायालय के अंदर ही एक पुलिस कर्मी द्वारा वकील को थप्पड़ मारकर धमकाने की घटना ने पूरे कानूनी तंत्र को झकझोर दिया है। आरोप है कि पुलिस कर्मचारी ने खुद को पूर्व मंत्री संजय बनसोडे का अंगरक्षक बताते हुए वकील को गोली मारने की धमकी दी और अदालत कक्ष में ही हाथापाई की। इस मामले में आरोपी पुलिसकर्मी सहित चार लोगों के खिलाफ शिवाजीनगर पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है।

यह घटना 9 दिसंबर की शाम सवा चार से साढ़े चार के बीच लातूर स्थित जिला अधीक्षक भूमी अभिलेख कार्यालय के न्यायालयीन कक्ष में उस समय हुई, जब चापोली (ता. चाकूर) गांव की जमीन संबंधी मामले की सुनवाई चल रही थी। इसी दौरान पुलिस कर्मचारी रियाज फारूकमियाँ देशमुख ने कथित रूप से वकील को कॉलर से पकड़कर थप्पड़ मारा और चेतावनी देते हुए कहा कि वह उसे गोली मारकर खत्म कर सकता है, क्योंकि उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

फिर्याद में यह भी उल्लेख है कि घटना के समय रियाज देशमुख के सेवानिवृत्त एएसआई पिता फारूकमियाँ अफजलमियाँ देशमुख, महेफूज विकार जहागीरदार (नळेगाव) और बंडू शंकर जोशी (चापोली) ने वकील के हाथ पकड़कर हमले में सहायता की। इस सामूहिक दुर्व्यवहार के बाद वकील ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर सभी चार आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद जांच शुरू कर दी है, जबकि इस घटना ने न्यायालयीन सुरक्षा और कानून व्यवस्था की गंभीरता पर नए सिरे से सवाल खड़े कर दिए हैं। कानूनी प्रक्रिया के बीच हुई यह शर्मनाक घटना स्थानीय वकील संघ और नागरिकों में चिंता का विषय बनी हुई है।

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