लातूर | विशेष प्रतिनिधि कभी लातूर शहर की शान और उसकी आधुनिक पहचान माना जाने वाला छत्रपति शिवाजी महाराज चौक का उड्डाणपूल (फ्लाईओवर) आज खौफ का दूसरा नाम बन चुका है। जो पुल कभी पर्यटकों और नागरिकों के आकर्षण का केंद्र हुआ करता था, वह अब 'मौत के उड्डाणपूल' में तब्दील हो गया है। प्रशासन की संवेदनहीनता और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण यहाँ आए दिन मासूमों की जान जा रही है, जिससे पूरे शहर में आक्रोश की लहर दौड़ पड़ी है।

मौत के इस खूनी सिलसिले ने 23 जनवरी को उस वक्त भयावह रूप ले लिया जब एक ही दिन के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। पहली घटना सुबह की है, जिसमें लगभग 61 वर्षीय एक अज्ञात व्यक्ति उड्डाणपूल से रहस्यमयी तरीके से नीचे गिर गया। ऊंचाई से गिरने के कारण वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अभी इस व्यक्ति का शव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के शवगृह में ही रखा था कि महज कुछ घंटों बाद रात करीब 11 से 11:30 बजे के बीच एक और भीषण हादसा हो गया।

दूसरी घटना में, शिरूर अनंतपाल तहसील के कासले गांव का रहने वाला एक युवक अपनी मोटरसाइकिल से तहसील कार्यालय की ओर से औसा रोड की तरफ जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक की मोटरसाइकिल उड्डाणपूल के पश्चिमी छोर की रेलिंग (कठघरे) से इतनी जोर से टकराई कि मोटरसाइकिल तो पुल पर ही रह गई, लेकिन युवक उछलकर कई फीट नीचे सड़क पर जा गिरा। इस दर्दनाक हादसे में उस युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

यह पहली बार नहीं है जब इस फ्लाईओवर ने किसी की जान ली हो। इससे पहले भी कई लोग यहाँ से कूदकर आत्महत्या कर चुके हैं, तो कई बार तेज रफ्तार वाहन और बुलेट जैसी भारी मोटरसाइकिलें सुरक्षा दीवार तोड़कर नीचे गिर चुकी हैं। इन तमाम हादसों के बावजूद महानगरपालिका, पुलिस प्रशासन और सार्वजनिक बांधकाम विभाग (PWD) के बीच जिम्मेदारी का खेल जारी है। लातूर के नागरिक अब सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इस 'किलर ब्रिज' पर सुरक्षा के लिए लोखंडी जाली या नायलॉन नेट कब लगाई जाएगी? वाहनों की गति पर अंकुश लगाने और पुल पर अनावश्यक रूप से खड़े रहने वाले हुड़दंगियों पर कार्रवाई करने में प्रशासन क्यों विफल साबित हो रहा है? लातूर की जनता अब और लाशें गिरते नहीं देखना चाहती, लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सोया हुआ प्रशासन इस चीख-पुकार को सुनकर जागेगा या फिर अगले किसी हादसे का इंतजार करेगा

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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