लातूर: 98 वर्षीय वत्सलाबाई गिरी का निधन, मरणोपरांत देहदान कर पेश की मिसाल
वकील कॉलोनी निवासी वत्सलाबाई गिरी के परिजनों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए पार्थिव शरीर विलासराव देशमुख शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को सौंपा।

लातूर के विलासराव देशमुख शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय का दुर्घटना विभाग भवन, जहां 12 अप्रैल 2026 को दिवंगत वत्सलाबाई सुदामराव गिरी (इनसेट में) का देहदान संपन्न हुआ।
लातूर: समाज के लिए कुछ कर गुजरने की जीवंत प्रेरणा बनीं वकील कॉलोनी, विवेकानंद चौक क्षेत्र की निवासी दिवंगत श्रीमती वत्सलाबाई सुदामराव गिरी (98 वर्ष) का वृद्धावस्था के कारण दुखद निधन हो गया। अपने अंतिम सांस तक उन्होंने देहदान के जिस संकल्प को संजोया था, वह उनके निधन के बाद भी मानवता की सेवा में समर्पित रहा है। 12 अप्रैल 2026 की सुबह लगभग 8.30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उसी दिन दोपहर 12.30 बजे उनके पुत्रों ने उनका पार्थिव शरीर विलासराव देशमुख शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय को सौंप दिया, जिससे उनके जीवन का अंत भी एक महान परोपकारी कार्य के साथ हुआ।
मूल रूप से लखनगांव (तहसील औसा) की बेटी और धाराशिव जिले के दाऊतपुर की बहू रहीं वत्सलाबाई गिरी बाद के वर्षों में लातूर में बस गई थीं। उन्होंने अपने सरल, संयमी और कर्तव्यनिष्ठ जीवन से परिवार एवं समाज में एक विशेष स्थान बनाया था। पिछले साढ़े चार वर्षों से इसी शासकीय सर्वोपचार अस्पताल में उनका नियमित उपचार चल रहा था, जहां उन्होंने शांतिपूर्वक इस दुनिया से विदा ली। देहदान की प्रक्रिया से पूर्व शरीर रचना विज्ञान विभाग (Anatomy Department) में रिश्तेदारों, करीबियों और परिचितों को अंतिम दर्शन का अवसर दिया गया, जिस दौरान वहां का वातावरण अत्यंत भावुक हो गया था।
इस देहदान प्रक्रिया के दौरान अधिष्ठाता डॉ. उदय मोहिते, डॉ. मारोतीराव कराले, डॉ. मुग्धा मैडम और डॉ. पाचंगे द्वारा दिए गए सहयोग के लिए गिरी परिवार ने गहरी कृतज्ञता व्यक्त की है। वत्सलाबाई गिरी अपने पीछे बेटों, बेटियों, बहुओं, पोते-पोतियों और परपोतों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनके जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ तो टूटा है, लेकिन उनके द्वारा किया गया देहदान समाज के लिए सदैव मार्गदर्शक और प्रेरणादायी सिद्ध होगा। मृत्यु के पश्चात भी समाज के काम आने का जज्बा ही मानवता का सर्वोच्च आदर्श है, जिसे वत्सलाबाई गिरी ने अपने आचरण से एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
