लातूर में विद्यार्थियों के समर्थन और दिल्ली आंदोलन में कथित पुलिस लाठीमार के विरोध में वंचित बहुजन आघाडी की ओर से दिए गए ‘महाराष्ट्र बंद’ के आह्वान को जिले में उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। लातूर सहित औसा, निलंगा, उदगीर और अहमदपुर शहरों में व्यापारियों ने स्वेच्छा से अपनी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखकर आंदोलन को समर्थन दिया।

लातूर शहर में सुबह से ही आंदोलन का माहौल दिखाई दिया। डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर चौक से डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर पार्क तक वंचित बहुजन आघाडी की ओर से भव्य निषेध रैली निकाली गई। इस रैली में बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं, युवक और नागरिक शामिल हुए। रैली में शामिल लोगों के हाथों में राष्ट्रध्वज और विभिन्न मांगों के फलक दिखाई दे रहे थे।

रैली के दौरान दिल्ली में विद्यार्थियों के आंदोलन पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई का विरोध किया गया। प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए इस्तीफा देने की मांग की। इस दौरान लगाए गए नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।

आंदोलन में शामिल युवाओं और महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। "विद्यार्थियों पर अन्याय सहन नहीं किया जाएगा", "लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास निंदनीय है", जैसे नारों के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। जिले के विभिन्न हिस्सों में भी प्रदर्शन किए गए और बंद को बड़ा समर्थन मिलने का दृश्य सामने आया।

इस आंदोलन के माध्यम से विद्यार्थियों के मुद्दों को लेकर समाज में जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। लातूर जिले के व्यापारियों, नागरिकों और विभिन्न संगठनों के समर्थन के कारण यह बंद शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। विद्यार्थियों के अधिकारों के लिए लातूरवासियों की एकजुटता और आंदोलन को मिला समर्थन दिनभर चर्चा का विषय बना रहा।

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