शहर में लगातार बढ़ते आवारा कुत्तों के खौफ से नागरिक बेहद डरे और सहमे हुए हैं। इस गंभीर समस्या के प्रति प्रशासनिक उदासीनता के खिलाफ आखिरकार आक्रोशित नागरिकों और भाजपा पदाधिकारियों का गुस्सा फूट पड़ा। “हड़...ऽऽ हड़...ऽऽ” के गगनभेदी नारों के साथ भाजपा के नेतृत्व में आज लातूर नगर निगम पर एक बेहद आक्रामक मोर्चा निकाला गया। इस आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने अनोखा विरोध जताते हुए चार आवारा कुत्तों को एक पिंजरे में बंद किया और उस पिंजरे को सीधे नगर निगम के कार्यालय के भीतर ले जाकर प्रशासन को जमीनी हकीकत का आईना दिखाया।

शहर में दिन-ब-दिन आवारा कुत्तों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि आए दिन निर्दोष नागरिकों पर जानलेवा हमले हो रहे हैं। इसके चलते छोटे बच्चों, महिलाओं, विद्यार्थियों और बुजुर्गों के बीच भारी दहशत का माहौल बना हुआ है। कुछ ही दिनों पहले शहर में एक युवक की कुत्ता काटने के बाद हुई दर्दनाक मौत ने पूरे लातूर को हिलाकर रख दिया था। उस वक्त आक्रोशित परिजनों ने न्याय की मांग करते हुए युवक के शव को सीधे नगर निगम के मुख्य द्वार पर लाकर रख दिया था और प्रशासन के खिलाफ अपना तीव्र रोष व्यक्त किया था। उस समय नगर निगम प्रशासन ने आवारा कुत्तों के खिलाफ सख्त कदम उठाने और उचित बंदोबस्त करने का ठोस आश्वासन दिया था, लेकिन भाजपा का आरोप है कि इस आश्वासन के बाद भी जमीन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्रशासन की इसी निष्क्रियता और वादाखिलाफी के विरोध में आज भाजपा शहर अध्यक्ष अजीत पाटिल कव्हेकर और विपक्ष के नेता देविदास काले के नेतृत्व में पार्षदों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नगर निगम पर जोरदार धावा बोला। आंदोलनकारियों के हाथों में कुत्तों के चित्रों वाले बैनर और तख्तियां थीं, जिन पर “नगर निगम की नींद कब खुलेगी?” और “नागरिकों की जान ज्यादा महत्वपूर्ण है या प्रशासन की उदासीनता?” जैसे तीखे सवाल और नारे लिखे हुए थे, जिससे पूरा परिसर दहल उठा।

मोर्चे के दौरान जब प्रदर्शनकारी सीधे पिंजरा और उसमें बंद चार जिंदा आवारा कुत्तों को लेकर भीतर पहुंचे, तो नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी कुछ समय के लिए पूरी तरह सन्न रह गए। आंदोलनकारियों ने अधिकारियों को आड़े हाथों लेते हुए सीधा आरोप लगाया कि नगर निगम प्रशासन जानबूझकर नागरिकों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहा है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी देते हुए मांग की कि प्रशासन तुरंत एक विशेष अभियान चलाकर इन आवारा कुत्तों का स्थाई बंदोबस्त करे, अन्यथा इससे भी अधिक उग्र और तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। प्रशासन को सौंपे गए इस पिंजरे और तीखे तेवरों ने साफ कर दिया है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो शहर का आक्रोश बड़े जनआंदोलन का रूप ले लेगा।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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