लातूर के शाहूनगर में मोकाट कुत्ते का आतंक, मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्गों पर हमला
शाहूनगर के सार्वजनिक उद्यान में पिछले 15 दिनों से जारी है कुत्तों का खौफ, स्थानीय नागरिकों ने नगर निगम से की कार्रवाई की मांग।

लातूर के शाहूनगर स्थित सार्वजनिक उद्यान में आज तड़के एक बार फिर आवारा कुत्ते द्वारा एक वरिष्ठ नागरिक पर हमला करने की चौंकाने वाली घटना सामने आई है। पिछले पंद्रह दिनों से इलाके में खुलेआम घूम रहे इस सफेद-चितकबरे (पांढऱ्या-बांड्या) रंग के कुत्ते ने स्थानीय निवासियों के बीच भारी भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है, क्योंकि यह कुत्ता बार-बार अचानक राहगीरों को अपना निशाना बना रहा है।
आज सुबह लगभग साढ़े छह बजे आनंदनगर निवासी रमेश डोंगरे हमेशा की तरह उद्यान के बाहरी ट्रैक पर टहल रहे थे। उसी दौरान, इस कुत्ते ने पीछे से अत्यंत दबे पांव आकर उनके दाहिने पैर पर छलांग लगा दी। श्री डोंगरे ने अपनी सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए किसी तरह खुद को बचाया, अन्यथा एक गंभीर अनहोनी घट सकती थी। मौके पर मौजूद एक अन्य वरिष्ठ नागरिक नागनाथ बोळशेटे ने भी अपना खौफनाक अनुभव साझा करते हुए बताया कि ठीक ५-६ दिन पहले इसी कुत्ते ने उन पर भी इसी तरह पीछे से हमला किया था, जिसमें उन्होंने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि यह कोई इकलौता मामला नहीं है, बल्कि हमलों का एक सिलसिला शुरू हो चुका है।
शाहूनगर के छत्रपति राजर्षी शाहू महाराज सार्वजनिक उद्यान में प्रतिदिन सुबह से आठ बजे तक बड़ी संख्या में नागरिक, महिलाएं, बच्चे और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिक व्यायाम और टहलने के लिए आते हैं। आज की घटना के बाद पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई और कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कुत्ता कभी अत्यंत शांत बैठा रहता है, तो कभी अचानक हिंसक हो जाता है, जिससे इसके मानसिक रूप से असंतुलित या पागल होने की आशंका जताई जा रही है। उद्यान के बाहरी रास्तों और घरों के सामने इसकी निरंतर मौजूदगी ने खतरे को और बढ़ा दिया है।
इस बीच, स्थानीय नागरिकों में प्रशासन के प्रति गहरा असंतोष व्याप्त है क्योंकि चर्चा है कि महानगर पालिका के कर्मचारियों को यह कुत्ता कहीं दिखाई ही नहीं दे रहा है। नागरिकों ने नगर निगम की इस निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए गणपतराव तेलंगे, विजयकुमार दाताळ, दत्तात्रय कललेकर, राजकुमार जाधव, धोंडिराम कदम, मारोतराव सूर्यवंशी, एस. एम. तरुडे और माधवराव गायकवाड सहित अन्य नागरिकों ने मांग की है कि प्रशासन अविलंब इस आक्रामक कुत्ते का बंदोबस्त करे। यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो किसी बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

Ruturaj Ravan
यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।
