नियति का क्रूर चक्र जब किसी परिवार के पीछे पड़ता है, तो घाव भरने से पहले ही नए जख्म मिल जाते हैं। लातूर के उदगीर निवासी डोईजोडे परिवार के साथ कुछ ऐसा ही हृदयविदारक घटनाक्रम घटित हुआ है। शिरूर अनंतपाल तालुका के चामरगा-बोलेगांव पाटी के बीच कल शाम करीब पांच बजे दो कारों की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में डोईजोडे परिवार की मुखिया मोहिनी वैजनाथ डोईजोडे (75 वर्ष) की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। यह दुर्घटना उस समय हुई जब मोहिनी डोईजोडे अपने परिवार के साथ उदगीर से लातूर की ओर जा रही थीं और येरोल मोड़ के पास उनकी कार दूसरी कार से टकरा गई।

इस परिवार के लिए यह आघात इसलिए भी असहनीय है क्योंकि महज दो साल पहले ही गाणगापुर में एक बड़ी त्रासदी हुई थी। तब परिवार के दो सगे भाई, बालाजी और महेश डोईजोडे, देवदर्शन के लिए गाणगापुर गए थे और नदी में डूबने से एक ही दिन दोनों की मौत हो गई थी। उस भीषण दुख से परिवार अभी उबर भी नहीं पाया था कि अब मां की इस सड़क हादसे में मौत ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।

हादसे की तीव्रता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मोहिनी डोईजोडे ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया, जबकि कार में सवार प्राचार्य एडवोकेट राजकुमार नावंदर और कनिका बाबूराव डोईजोडे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं, दूसरी कार में सवार उदगीर के मलगे परिवार के तीन सदस्य भी गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं। सभी घायलों का फिलहाल उदगीर के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मृतका का बेटा वर्तमान में अमेरिका में है और उसके कल स्वदेश लौटने की संभावना है, जिसके बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया संपन्न की जाएगी। दो वर्षों के भीतर तीन प्रमुख सदस्यों को खो देने वाले डोईजोडे परिवार पर आए इस वज्रपात से संपूर्ण परिसर शोकमग्न है।

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