लातूर जिले के चाकूर तालुका में विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी गंभीर लापरवाही सामने आई है। विद्यार्थियों को लेकर जा रही एक निजी स्कूल की बस सड़क किनारे बने नाले में पलट गई, जिससे 22 छात्र घायल हो गए। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जान नहीं गई, लेकिन कुछ समय के लिए छात्रों की जान पर बन आई। यह दुर्घटना बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे सांडोळ–महांडोळ मार्ग पर हुई।

चाकूर तालुका के राचन्नावाडी स्थित पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर विद्यालय के विद्यार्थी प्रतिदिन सांडोळ, महांडोळ, कलकोटी सहित आसपास के गांवों से स्कूल बस के माध्यम से विद्यालय आते-जाते हैं। बुधवार सुबह भी एमएच-12 पीक्यू-5120 नंबर की स्कूल बस करीब 35 विद्यार्थियों को लेकर विद्यालय के लिए रवाना हुई थी। इसी दौरान सांडोळ–महांडोळ मार्ग पर चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और बस सड़क किनारे बने छोटे नाले में पलट गई।

दुर्घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने तत्काल बस में फंसे विद्यार्थियों को बाहर निकालकर चाकूर ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। चाकूर पुलिस थाने के पुलिस निरीक्षक बालाजी भंडे ने अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग किया। एम्बुलेंस की सहायता से घायल विद्यार्थियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

हादसे में विद्यार्थियों के हाथ, पैर और कोहनी पर चोटें आई हैं तथा अधिकांश विद्यार्थियों की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। हालांकि एक विद्यार्थी के सिर में गंभीर चोट लगने के कारण उसे आगे के उपचार के लिए लातूर रेफर किया गया। यह जानकारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. संग्राम नरवटे ने दी।

हादसे के बाद स्कूल बस संचालन व्यवस्था में गंभीर खामियां भी सामने आई हैं। अभिभावकों का आरोप है कि बस के नियमित चालक ने स्कूल प्रशासन को बिना किसी सूचना के बस किसी दूसरे चालक के हवाले कर दी और स्वयं बाहर चला गया। अभिभावकों का कहना है कि नए चालक की लापरवाही के कारण यह दुर्घटना हुई।

दुर्घटना के बाद विद्यालय प्रशासन में जिम्मेदारी को लेकर भी भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। पूर्व मुख्याध्यापक भगवान खडके ने कहा कि संस्था द्वारा निलंबित किए जाने के कारण इस मामले में उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। वहीं नवनियुक्त मुख्याध्यापक सतीश बिराजदार का कहना है कि उन्होंने अभी तक पदभार ग्रहण नहीं किया है और जिम्मेदारी भगवान खडके की है। दोनों के परस्पर विरोधी बयानों के बाद आक्रोशित अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।

चाकूर की गटशिक्षणाधिकारी मंदोदरी वाकडे ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर प्रत्येक माह स्कूलों के साथ बैठकें आयोजित की जाती हैं और आवश्यक निर्देश दिए जाते हैं। प्रारंभिक तौर पर संबंधित विद्यालय द्वारा इन निर्देशों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने बताया कि पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना के बाद स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी कथित लापरवाही को लेकर अभिभावकों ने दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Pratahkal Bureau

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