लातूर में आरक्षण उपवर्गीकरण की मांग को लेकर उमड़ा विशाल महामोर्चा
लातूर में आरक्षण उपवर्गीकरण की मांग को लेकर विशाल महामोर्चा निकला, जानिए सर्वोच्च न्यायालय के आदेश और संघर्ष समिति की प्रमुख मांगें।

तस्वीर में लातूर की सड़क पर अनुसूचित जाति आरक्षण उपवर्गीकरण की मांग को लेकर पीले झंडों और बैनरों के साथ उमड़ी भारी भीड़ और महामोर्चा में शामिल लोग दिखाई दे रहे हैं।
लातूर में अनुसूचित जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण की मांग को लेकर सोमवार को समस्त मातंग समाज और अनुसूचित जाती आरक्षण उपवर्गीकरण संघर्ष समिति, लातूर जिला की ओर से भव्य महामोर्चा निकाला गया। मोर्चेकर्ताओं ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार अनुसूचित जातियों में आरक्षण उपवर्गीकरण को तत्काल लागू करने की जोरदार मांग की।
इस महामोर्चे को जिलेभर से व्यापक समर्थन मिला। महिला, पुरुष, युवक-युवतियों और वरिष्ठ नागरिकों सहित बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हुए। उपस्थिति के लिहाज से यह मोर्चा इससे पहले निकाले गए सभी मोर्चों से अधिक भव्य रहा, ऐसी चर्चा शहर में रही।
साहित्यरत्न डॉ. अण्णाभाऊ साठे की पूर्णाकृति प्रतिमा को अभिवादन करने के बाद अण्णाभाऊ साठे चौक से महामोर्चे की शुरुआत हुई। शहर के प्रमुख मार्गों से अनुशासित तरीके से गुजरता हुआ यह मोर्चा पुराने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। पूरे मार्ग पर लगाए गए नारों से क्षेत्र गूंज उठा।
मोर्चे में विभिन्न महापुरुषों की प्रतिमाएं, संविधान के मूल्यों का गौरव करने वाले फलक और आरक्षण उपवर्गीकरण के समर्थन में नारे लिखे फलक प्रतिभागियों के हाथों में दिखाई दिए। युवक-युवतियों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए सामाजिक न्याय की मांग को मजबूती से उठाया।
मोर्चेकर्ताओं ने मांग की कि सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के अनुसार अनुसूचित जाति आरक्षण का उपवर्गीकरण तत्काल लागू किया जाए। उनका कहना था कि अनुसूचित जाति वर्ग के सभी घटकों तक आरक्षण का लाभ समान रूप से पहुंचाने के लिए उपवर्गीकरण आवश्यक है।
इस महामोर्चे में लातूर जिले के मातंग समाज के साथ अनुसूचित जाति वर्ग की 59 जातियों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के लोगों ने एकजुटता का प्रदर्शन किया।
महामोर्चे के बाद पुराने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी के माध्यम से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री मा. देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार अनुसूचित जाति आरक्षण के उपवर्गीकरण को तत्काल लागू करने की प्रमुख मांग रखी गई। ज्ञापन सौंपने के दौरान संघर्ष समिति के प्रमुख पदाधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और समाज के लोग मौजूद रहे।
पूरा महामोर्चा शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने विभिन्न स्थानों पर कड़ा बंदोबस्त तैनात किया था। इस महामोर्चे के माध्यम से लातूर शहर में सामाजिक न्याय के मुद्दे पर एक बार फिर व्यापक जनजागृति देखने को मिली।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
