संस्कृति नगरी में नागरी सुविधाओं का बुरा हाल, महिलाओं ने मनपा पर किया धड़क मोर्चा
लातूर की संस्कृति नगरी में सड़क, पानी, स्ट्रीट लाइट और गंदे पानी की समस्याओं से परेशान महिलाओं ने मनपा को सात दिन का अल्टीमेटम दिया।

तस्वीर में महिलाएं लातूर महानगरपालिका में अधिकारी को अपनी समस्याओं का ज्ञापन सौंपती नजर आ रही हैं।
लातूर के पोतदार कॉलेज के पास रिंग रोड क्षेत्र स्थित संस्कृति नगरी कॉलोनी में बुनियादी नागरी सुविधाओं की समस्या गंभीर हो गई है। सड़कों पर गड्ढे, अपर्याप्त पानी की आपूर्ति, बंद या अपर्याप्त स्ट्रीट लाइट और गंदे पानी की निकासी की समस्या से नागरिक परेशान हैं। बार-बार मांग के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने पर नाराज महिलाओं और नागरिकों ने लातूर महानगरपालिका पहुंचकर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा।
संस्कृति नगरी के कई रास्तों की हालत खराब हो चुकी है। जगह-जगह गड्ढे होने से वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी जमा होने से स्थिति और खराब हो जाती है। ज्ञापन में महिलाओं ने कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। इसलिए सड़कों की तत्काल मरम्मत कर आवश्यक स्थानों पर डामरीकरण कराने की मांग की गई।
इलाके में पानी की आपूर्ति भी अनियमित और अपर्याप्त होने से नागरिकों को पानी के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रोजमर्रा की घरेलू जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध नहीं होने से महिलाओं को विशेष रूप से दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रशासन से क्षेत्र में पानी की आपूर्ति की प्रत्यक्ष जांच कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की गई।
संस्कृति नगरी के कुछ हिस्सों में स्ट्रीट लाइट नहीं होने के कारण रात के समय अंधेरा छा जाता है। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और विद्यार्थियों की सुरक्षा का सवाल भी सामने आया है। बंद पड़े स्ट्रीट लाइट तत्काल शुरू करने और आवश्यक स्थानों पर नए लाइट लगाने की मांग की गई।
क्षेत्र में गंदे पानी की उचित निकासी व्यवस्था नहीं होने से नागरिकों को दुर्गंध और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ने की आशंका भी जताई गई। महिलाओं ने नालियों और गंदे पानी की पाइपलाइन की जांच कर नियमित सफाई तथा उचित निकासी व्यवस्था करने की मांग की।
ज्ञापन में महानगरपालिका के संबंधित अधिकारियों से संस्कृति नगरी का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर नागरिकों की समस्याएं जानने और सात दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई करने की मांग की गई है। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि केवल आश्वासन देने के बजाय जमीनी स्तर पर काम शुरू होना चाहिए। सात दिनों में समस्याओं का समाधान नहीं होने पर तीव्र आंदोलन छेड़ने की चेतावनी भी दी गई।
ज्ञापन पर ज्योति प्रमोद पवार, सारिका रतिश सांगवे, सरोजा सतिश सांगवे, रोहिणी अजित इंगळे, ज्योति सत्यनारायण गोरे, शुभदा बडप्पा माळी, उर्मिला अशोक वलांड, ज्योति किरण भुरके, शीतल निष्ठकठ, सोनाली महेंद्र कुलकर्णी, विमल गोपाळराव चव्हाण, कुमला भास्कर इंगळे, देवशाला पारिखे, नागनाथ नकूर, सुजाता बालाजी धोयले, शिल्पा जयंत जाधव, सविता नरेंद्र माकणे, शीतल नारायण धुमाळ, काशीबाई हरिश्चंद्र जाधव, प्रथका अतुल पाटील, मिनासी किशोर माळेगाव और शिष्या रखनाथ देवणीकर सहित कई महिलाओं के हस्ताक्षर हैं।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
