डिजिटल युग में मोबाइल फोन नागरिकों के दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। शासकीय कार्य, बैंकिंग लेनदेन, ऑनलाइन भुगतान, शिक्षा, व्यवसाय, स्वास्थ्य सेवाएं, महत्वपूर्ण दस्तावेज और परिवार से संपर्क जैसी अनेक आवश्यक गतिविधियां मोबाइल पर निर्भर हैं। ऐसे में मोबाइल खो जाने पर आर्थिक नुकसान के साथ-साथ उसमें मौजूद व्यक्तिगत और संवेदनशील जानकारी के दुरुपयोग की आशंका भी लोगों की चिंता बढ़ा देती है।

इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे की संकल्पना तथा अपर पुलिस अधीक्षक मंगेश चव्हाण के मार्गदर्शन में लातूर जिला पुलिस ने खोए हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान में जिला साइबर सेल, उपविभागीय पुलिस अधिकारी तथा जिले के विभिन्न पुलिस थानों के बीच समन्वय स्थापित कर आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है।

1 जनवरी 2026 से 31 जुलाई 2026 तक के सात महीनों के दौरान लातूर जिले में खोए हुए कुल 2,365 मोबाइल फोन CEIR (Central Equipment Identity Register) प्रणाली के माध्यम से ब्लॉक किए गए। इसके साथ ही तकनीकी जांच, उपलब्ध जानकारी के विश्लेषण और विभिन्न तकनीकी साधनों के उपयोग से लातूर पुलिस ने 775 खोए हुए मोबाइल फोन खोज निकालने में सफलता हासिल की।

बरामद किए गए सभी मोबाइल आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके मूल मालिकों को वापस सौंप दिए गए हैं। इससे मोबाइल खोने के कारण परेशान नागरिकों को बड़ी राहत मिली है।

खोए हुए मोबाइल की तलाश के लिए लातूर पुलिस CEIR प्रणाली के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी तरीकों का उपयोग कर रही है। मोबाइल के IMEI नंबर, उपलब्ध तकनीकी जानकारी और अन्य संबंधित सूचनाओं का विश्लेषण कर मोबाइल का पता लगाया जाता है।

जिला साइबर सेल और संबंधित पुलिस थानों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने से मोबाइल खोजने की कार्रवाई को गति मिली है। एक ओर 2,365 मोबाइल फोन ब्लॉक कर उनके दुरुपयोग को रोका गया, वहीं दूसरी ओर 775 मोबाइल फोन खोजकर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। यह उपलब्धि लातूर पुलिस की तकनीकी क्षमता और लगातार किए जा रहे प्रयासों को दर्शाती है।

मोबाइल खो जाने पर नागरिकों से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं और तुरंत निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही मोबाइल के दुरुपयोग को रोकने के लिए CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर के आधार पर मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया पूरी करें। नागरिकों को अपना IMEI नंबर, मोबाइल खरीद का बिल तथा अन्य उपलब्ध दस्तावेज सुरक्षित रखने की भी सलाह दी गई है।

लातूर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की खोई हुई संपत्ति का पता लगाकर उसे वापस सौंपने के लिए आगे भी आधुनिक तकनीक, साइबर जांच और प्रभावी पुलिसिंग का उपयोग लगातार जारी रखा जाएगा। 1 जनवरी से 31 जुलाई 2026 की अवधि में 2,365 मोबाइल CEIR प्रणाली के माध्यम से ब्लॉक किए गए, 775 खोए हुए मोबाइल बरामद किए गए और जिला साइबर सेल तथा पुलिस थानों के समन्वय से तकनीकी जांच के जरिए बरामद मोबाइल कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उनके मूल मालिकों को लौटाए गए।

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