लातूर पुलिस का बड़ा अभियान: अपराधियों और संदिग्धों पर कसा शिकंजा
पुलिस अधीक्षक के आदेश पर 178 कर्मियों ने रातभर छापेमारी कर अवैध हथियार जब्त किए और 423 वाहनों की जांच की।

लातूर में 'ऑलआउट' अभियान के दौरान नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की तलाशी लेते पुलिस अधिकारी और कर्मचारी।
लातूर पुलिस ने जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से 16 और 17 मई 2026 की मध्यरात्रि को जिलेभर में अचानक ‘ऑलआउट’ और ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ चलाकर अपराधियों में हड़कंप मचा दिया। इस व्यापक अभियान में पुलिस ने अवैध हथियार रखने वालों, संदिग्ध गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों और रिकॉर्ड पर दर्ज सराईत अपराधियों पर एक साथ शिकंजा कसा।
यह विशेष अभियान पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे के आदेश पर तथा अपर पुलिस अधीक्षक मंगेश चव्हाण के मार्गदर्शन में संचालित किया गया। अभियान में जिला पुलिस बल के 33 पुलिस अधिकारी और 145 पुलिस कर्मी शामिल रहे।
ऑपरेशन के दौरान पुलिस रिकॉर्ड पर दर्ज सराईत अपराधियों के घरों पर अचानक दबिश दी गई और उनकी गतिविधियों की विस्तृत जांच की गई। संबंधित व्यक्ति वर्तमान में कहां रह रहे हैं, कौन-सा व्यवसाय कर रहे हैं तथा उनके व्यवहार में कोई संदिग्ध परिवर्तन तो नहीं आया है, इसकी गहन पड़ताल की गई। विशेष रूप से संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल होने की आशंका वाले व्यक्तियों पर पुलिस ने विशेष नजर रखी और उन्हें सख्त चेतावनी दी गई।
इस कार्रवाई के दौरान 4 लोगों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए तथा उनके कब्जे से अवैध हथियार जब्त किए गए। पुलिस ने स्पष्ट किया कि दहशत फैलाने के उद्देश्य से हथियार रखने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
इसके अलावा, संपत्ति संबंधी अपराध करने की नीयत से संदिग्ध रूप से घूम रहे 5 व्यक्तियों के खिलाफ महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम की धारा 122 (क) के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई।
अभियान के तहत घरफोड़ और अन्य मामलों में शामिल 35 सराईत आरोपियों के घरों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। पुलिस ने उन्हें भविष्य में किसी भी समाजविघातक गतिविधि से दूर रहने की सख्त हिदायत दी।
मध्यरात्रि अभियान के दौरान 117 लॉज और होटलों की जांच की गई, जबकि 30 संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी गई। जिले के 33 विभिन्न स्थानों पर नाकाबंदी कर 423 संदिग्ध वाहनों की जांच की गई। वहीं, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 7 वाहन चालकों के खिलाफ भी मामले दर्ज किए गए।
इस बड़े पुलिस अभियान के बाद अपराधियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि जिले में कानून व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। लातूर पुलिस ने साफ किया है कि भविष्य में भी ऐसे ‘ऑलआउट’ और ‘कॉम्बिंग ऑपरेशन’ लगातार चलाकर अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाएगा।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
