आगामी त्योहारों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से लातूर जिला पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत एमआयडीसी पुलिस ने अवैध हथियारों की तस्करी के एक बड़े प्रयास को विफल कर दिया है। पुलिस ने एक गावठी पिस्तूल के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके दो साथी फरार होने में सफल रहे।

जिले में आगामी सण-उत्सवों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस द्वारा कॉम्बिंग ऑपरेशन, नाकाबंदी और वाहन जांच का सिलसिला जारी है। इसी क्रम में, 27 मई 2026 को बकरी ईद के उपलक्ष्य में एमआयडीसी पुलिस का डी.बी. पथक गश्त पर था। इस दौरान पुलिस उपनिरीक्षक श्रीकांत माधवराव मोरे को गुप्त सूचना मिली कि दो व्यक्ति स्कुटी क्रमांक एमएच-24-सीई-4643 से नवीन रेणापूर नाका से रेलवे स्टेशन की ओर जाने वाले सर्विस रोड के जरिए गावठी पिस्तूल बेचने के लिए आ रहे हैं।

सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस ने तत्काल जाल बिछाया और एक होटल परिसर के पास संदिग्ध वाहन को रोक लिया। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपियों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन सतर्क पुलिस ने घेराबंदी कर गोविंद रंगनाथ डुरे (28, निवासी टाकळी, ता. जि. लातूर) को पकड़ लिया। आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक अवैध गावठी पिस्तूल बरामद की गई, जिसे रखने का कोई भी वैध परवाना या दस्तावेज वह प्रस्तुत नहीं कर सका।

इस संबंध में पोउपनि श्रीकांत माधवराव मोरे की शिकायत पर एमआयडीसी पुलिस स्टेशन में आरोपी गोविंद डुरे के खिलाफ भारतीय हत्यार अधिनियम की धारा 3/25, 5/25 तथा बीएनएस की धारा 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 291/2026 दर्ज किया गया है। जांच के दौरान इस मामले में दो अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है, जिनकी पहचान सिद्धू माने (निवासी आर्वी, ता. जि. लातूर) और विकास हिंगे (निवासी हरगुंळ बु., ता. जि. लातूर) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और पुलिस उनकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि यह हथियार कहां से लाया गया था, किसे बेचा जाने वाला था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा अपराधी गिरोह सक्रिय है।

यह संपूर्ण कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अमोल तांबे, अपर पुलिस अधीक्षक मंगेश चव्हाण और उपविभागीय पोलीस अधिकारी समीरसिंह साळवे के मार्गदर्शन में एमआयडीसी पुलिस निरीक्षक समाधान चवरे के नेतृत्व में संपन्न हुई। इसमें पोउपनि श्रीकांत मोरे तथा डी.बी. पथक के बळवंत भोसले, राजाभाऊ म्हस्के और सचिन गिरी की भूमिका महत्वपूर्ण रही। मामले की अग्रिम जांच सहाय्यक पोलीस निरीक्षक ज्ञानेश्वर सानप कर रहे हैं। लातूर जिला पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदेहास्पद गतिविधि या अवैध हथियार के बारे में पुलिस को तुरंत सूचित करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जन सुरक्षा के लिए अपराधियों और अवैध हथियारों के विरुद्ध यह कठोर अभियान निरंतर जारी रहेगा।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

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