लातूर जिले में बढ़ती भीषण गर्मी ने जनजीवन को झुलसा दिया है और उष्माघात की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। निलंगा तालुका के पानचिंचोली गांव में मंगलवार दोपहर खेत में काम करते समय 75 वर्षीय किसान त्र्यंबक नारायण बेळंबे की संदिग्ध उष्माघात से मौत हो गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, त्र्यंबक बेळंबे रोज की तरह दोपहर करीब साढ़े बारह से एक बजे के बीच अपने खेत में पशुओं के लिए चारा काट रहे थे। तेज धूप और अत्यधिक गर्मी के बीच काम करते समय उन्हें अचानक चक्कर आया और वे जमीन पर गिर पड़े। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत उन्हें पानचिंचोली स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

परिजनों ने मौत के पीछे उष्माघात की आशंका जताई है, हालांकि आधिकारिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। वर्तमान में लातूर जिले में तापमान 40 से 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है, जिससे गर्मी का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है।

इससे पहले भी जिले में उष्माघात से तीन लोगों की मौत की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मंगलवार की इस घटना के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है, जिससे नागरिकों में भय का माहौल बन गया है। विशेष रूप से किसान और मजदूर वर्ग इस भीषण गर्मी से सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

प्रशासन ने नागरिकों को आवश्यक कार्य के बिना दोपहर में बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने, सिर को ढककर रखने और छांव में विश्राम करने की सलाह दी है। इसके बावजूद कई स्थानों पर लापरवाही के कारण इस तरह की घटनाएं सामने आ रही हैं।

जीवनभर मेहनत कर मिट्टी से जुड़ा रहने वाले किसान का इस तरह का दर्दनाक अंत बढ़ती गर्मी की गंभीरता को रेखांकित करता है। मौजूदा परिस्थितियों में सतर्कता और प्रभावी प्रशासनिक उपायों की आवश्यकता और भी बढ़ गई है।

Pratahkal Bureau

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