लातूर तालुका के गोंदेगाव गांव में 18 वर्षीय छात्रा मैथीली अशोक सोनवणे द्वारा आत्महत्या किए जाने की दर्दनाक घटना 16 मई को सामने आई। डॉक्टर बनने का सपना देखने वाली मैथीली ने नीट परीक्षा से जुड़ी अनिश्चितता और कथित तनाव के चलते यह टोक कदम उठाया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

जानकारी के अनुसार, मैथीली 3 मई को आयोजित नीट परीक्षा में शामिल हुई थी और उसका पेपर अच्छा गया था, जिससे वह सकारात्मक सोच में थी। हालांकि, परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं और भविष्य को लेकर बनी अनिश्चितता ने उसे मानसिक रूप से परेशान कर दिया। पिता अशोक विठ्ठल सोनवणे, जो गोंदेगांव के पुलिस पाटील हैं, ने गातेगांव पुलिस को दिए अपने बयान में बताया कि परीक्षा के भविष्य को लेकर बने तनाव के कारण ही यह घटना हुई होगी।

16 मई की सुबह करीब साढ़े आठ बजे गोंदेगांव शिवार स्थित अपने खेत में मैथीली का शव लिंब के पेड़ से ओढ़णी के सहारे लटका हुआ पाया गया। घटना की सूचना मिलते ही गातेगांव पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई की।

मैथीली के परिवार में पिता, माता, एक भाई और दो बहनें हैं। बेटी की आकस्मिक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में भी इस घटना को लेकर गहरा शोक और स्तब्धता का माहौल है।

मैथीली सोनवणे को एक मेहनती और महत्वाकांक्षी छात्रा के रूप में जाना जाता था, जिसका सपना चिकित्सा क्षेत्र में डॉक्टर बनकर सेवा करना था। उसका यह अधूरा सपना परिवार और गांव दोनों के लिए गहरे आघात के रूप में सामने आया है।

Pratahkal Bureau

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