लातूर महानगरपालिका की विशेष सर्वसाधारण सभा की शुरुआत ही तीखे टकराव और हंगामे के साथ हुई। सभा के पहले ही दिन नगरसचिव के कामकाज को लेकर सत्ताधारी और विपक्ष दोनों गुटों ने एकजुट होकर जोरदार हमला बोला। कार्यपत्रिका में खाडाखोडी, गलत आउटवर्ड नंबर, विषयों पर टिप्पणी का अभाव, आसन व्यवस्था की त्रुटियां, न्यायप्रविष्ट विषयों का समावेश और सभागृह में मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों पर नगरसेवकों ने नगरसचिव से जवाब मांगते हुए कड़ी नाराजगी जताई।

सभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नगरसेवक अॅड. दीपक सूळ, भाजपा के गटनेते अॅड. दीपक मठपती, पूर्व महापौर विक्रांत गोजगमुंडे, उपमहापौर तथा विरोधी पक्षनेते देविदास काळे और वरिष्ठ नगरसेवक रविशंकर जाधव सहित कई नगरसेवकों ने नगरसचिव की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठाए। सभागृह में पानी, घड़ी और बैठने की व्यवस्था जैसी प्राथमिक सुविधाओं का अभाव होने पर भी नगरसेवकों ने तीखा आक्रोश व्यक्त किया।

नई चुनाव प्रक्रिया के बाद आयोजित इस विशेष सर्वसाधारण सभा से पहले ही माहौल गर्म था। वरिष्ठ नगरसेवक अॅड. दीपक सूळ ने कार्यपत्रिका में मौजूद त्रुटियों पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि सभा की नोटिस सात दिन पहले नहीं दी गई, कार्यपत्रिका पर आउटवर्ड नंबर नहीं है और विषयों पर कोई टिप्पणी नहीं दी गई, जिससे नए सदस्यों को अध्ययन का अवसर नहीं मिला। उन्होंने महापौर को चुनौती देते हुए कहा, “यदि मैं गैरकानूनी बोल रहा हूं तो मुझे सभागृह से बाहर निकाल दीजिए या नगरसचिव पर एक रुपये का दंड लगाइए।”

भाजपा के गटनेते अॅड. दीपक मठपती ने भी सभा की प्रकृति पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यह विशेष सर्वसाधारण सभा है या सामान्य सभा। महापौर द्वारा विषयों को सामान्य सभा में लेने की बात कही गई थी, फिर उन्हें विशेष सभा में कैसे शामिल किया गया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि 22 भाजपा नगरसेवक ऐसी कथित अवैध सभा के विषयों से सहमत नहीं हैं।

पूर्व महापौर विक्रांत गोजगमुंडे ने सभागृह की आसन व्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए नगरसचिव से दिलगिरी व्यक्त करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया, “क्या नगरसचिव को यह एहसास नहीं कि यह सभागृह एक विधिमंडल है?”

वरिष्ठ नगरसेविका शोभा पाटील ने सभापत्रिका में अपना नाम शामिल न होने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए पूछा कि इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। उपमहापौर तथा विरोधी पक्षनेते देविदास काळे ने भी नगरसचिव को फटकार लगाते हुए कहा, “आप गलतियां करेंगे और उसका परिणाम हमें भुगतना पड़ेगा क्या? यह नगरसेवकों का अपमान है।”

इसी बीच वरिष्ठ नगरसेवक रविशंकर जाधव ने न्यायप्रविष्ट विषयों को सभा में लाने पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या हमारी नगरसेवक पदों को खतरे में डालना चाहते हैं?”

सभा के दौरान बढ़ते हंगामे के बीच नए नगरसेवकों ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि वरिष्ठ सदस्य हंगामा करेंगे तो उससे बड़ा हंगामा हम भी कर सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम से सभागृह में तनाव का माहौल बन गया और नए महापौर तथा आयुक्त को यह स्थिति देखकर असहज होना पड़ा।

सभा की शुरुआत में ही नगरसचिव के कामकाज पर हुई तीखी आलोचना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब इस मामले में नगरसचिव के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

एक ही पार्टी के दो गटनेते कैसे? — लातूर मनपा सभा में विक्रांत गोजमगुंडे का सवाल

लातूर महानगरपालिका की नवगठित सर्वसाधारण सभा में पूर्व महापौर तथा नगरसेवक विक्रांत गोजमगुंडे ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए। उन्होंने सीधे पूछा कि एक ही पार्टी के दो गटनेते एक ही सभागृह में कैसे हो सकते हैं और इस विषय पर प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांगा।

महानगरपालिका की पहली सर्वसाधारण सभा में गोजमगुंडे ने अपने अनुभव और सखोल अध्ययन के आधार पर कई प्रक्रियात्मक मुद्दों की ओर ध्यान दिलाया। पूर्व महापौर के रूप में उनका अनुभव और नगरसेवक के रूप में सक्रियता एक बार फिर दिखाई दी। उनकी मुद्देसूद मांडणी से सभागृह में कुछ समय तक चर्चा का माहौल बना रहा और यह स्पष्ट हुआ कि महानगरपालिका में उनका प्रभाव अब भी कायम है।

सभा के पहले ही दिन विभिन्न मुद्दों पर आवाज उठाकर उन्होंने प्रशासन से स्पष्ट भूमिका की मांग की। उनके इस रुख के बाद सभागृह में उपस्थित नगरसेवकों और अधिकारियों के बीच चर्चा तेज हो गई और संकेत मिले कि आने वाली सभाओं में भी वे प्रशासन से कई मुद्दों पर जवाब मांगेंगे।


लातूर मनपा में भाजपा का झंडा बुलंद, देविदास काळे बने विरोधी पक्षनेते

लातूर शहर महानगरपालिका में भाजपा के नगरसेवक देविदास काळे को विरोधी पक्षनेते के पद पर नियुक्त किया गया है। सभागृह में उनके नाम की घोषणा होते ही महानगरपालिका के प्रवेशद्वार के सामने भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार जश्न मनाया।

दोपहर के समय कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़ते हुए और हलगी बजाते हुए उत्सव मनाया। इस दौरान पूरे परिसर में उत्साह का माहौल बन गया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए देविदास काळे का स्वागत किया।

पदभार संभालने के बाद देविदास काळे ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि साथियों के विश्वास और समर्थन के कारण यह जिम्मेदारी उन्हें मिली है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शहर के विकास और नागरिकों के मुद्दों के लिए वे पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करेंगे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी उनकी नियुक्ति का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि शहर के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

लातूर महानगरपालिका की इस पहली सभा में उठे सवाल और राजनीतिक टकराव ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर व्यापक चर्चा को जन्म दिया है, जिससे आने वाले समय में नगर प्रशासन की जवाबदेही और राजनीतिक समीकरण दोनों पर असर पड़ने की संभावना बढ़ गई है।


Ruturaj Ravan

Ruturaj Ravan

यह प्रातःकाल मल्टीमीडिया में वेबसाइट मैनेजर और सोशल मीडिया एक्जीक्यूटिव के रूप में कार्यरत हैं, और पिछले तीन वर्षों से पत्रकारिता व डिजिटल मीडिया में सक्रिय हैं। इससे पूर्व उन्होंने दैनिक प्रहार में वेबसाइट प्रबंधन और सोशल मीडिया के लिए रचनात्मक कंटेंट निर्माण और रणनीतियों में अनुभव अर्जित किया। इन्होंने कोल्हापुर के छत्रपति शिवाजी महाराज विश्वविद्यालय से स्नातक और हैदराबाद के सत्या इंस्टीट्यूट से उच्च शिक्षा पूरी की। इन्हें SEO मैनेजमेंट, सोशल मीडिया और उससे संबंधित रणनीतियाँ तैयार करने में व्यापक अनुभव है।

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