लातूर महानगरपालिका की आगामी राजनीतिक हलचलों के बीच एक बार फिर माजी महापौर विक्रांत गोजमगुंडे और माजी उपमहापौर चंद्रकांत बिराजदार की जोड़ी सुर्खियों में लौट आई है। शहर के विकास को लेकर उनकी ठोस कार्यशैली, निर्णायक नेतृत्व और प्रभावी राजनीतिक पकड़ के चलते यह जोड़ी आगामी समय में महापालिका की सत्ता-समीकरण में ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है।

बीते दिनों नागपुर दौरे के दौरान पूर्व उपमहापौर चंद्रकांत बिराजदार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लातूर शहर की लंबित परियोजनाओं, नई विकास योजनाओं और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर विस्तृत चर्चा की। इसी मुलाकात में बिराजदार ने अजित पवार की मौजूदगी में ‘हाथ में घड़ी’ का प्रतीकात्मक gesture भी अपनाया, जिसे लातूर में नए राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इसी के साथ पूर्व महापौर विक्रांत गोजमगुंडे की सक्रियता को भी आने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। महापौर के कार्यकाल में उनकी निर्णय क्षमता और आम नागरिकों के लिए किए गए कार्यों ने उन्हें मजबूत राजनीतिक पहचान दिलाई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोजमगुंडे–बिराजदार की जोड़ी की पुनः सक्रियता से महापालिका की सत्ता रचना में बड़ा बदलाव संभव है।

दोनों नेताओं के निकट सूत्रों का कहना है कि शहर के विकास की गति बढ़ाने और नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए वे आने वाले समय में संयुक्त रूप से काम करेंगे। उनके इस नए राजनीतिक अध्याय ने लातूर महापालिका के माहौल में उत्सुकता और नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।लातूर महानगरपालिका की आगामी राजनीतिक हलचलों के बीच एक बार फिर माजी महापौर विक्रांत गोजमगुंडे और माजी उपमहापौर चंद्रकांत बिराजदार की जोड़ी सुर्खियों में लौट आई है। शहर के विकास को लेकर उनकी ठोस कार्यशैली, निर्णायक नेतृत्व और प्रभावी राजनीतिक पकड़ के चलते यह जोड़ी आगामी समय में महापालिका की सत्ता-समीकरण में ‘गेम चेंजर’ साबित हो सकती है।

बीते दिनों नागपुर दौरे के दौरान पूर्व उपमहापौर चंद्रकांत बिराजदार ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार सहित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने लातूर शहर की लंबित परियोजनाओं, नई विकास योजनाओं और भविष्य के राजनीतिक समीकरणों पर विस्तृत चर्चा की। इसी मुलाकात में बिराजदार ने अजित पवार की मौजूदगी में ‘हाथ में घड़ी’ का प्रतीकात्मक gesture भी अपनाया, जिसे लातूर में नए राजनीतिक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

इसी के साथ पूर्व महापौर विक्रांत गोजमगुंडे की सक्रियता को भी आने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है। महापौर के कार्यकाल में उनकी निर्णय क्षमता और आम नागरिकों के लिए किए गए कार्यों ने उन्हें मजबूत राजनीतिक पहचान दिलाई थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गोजमगुंडे–बिराजदार की जोड़ी की पुनः सक्रियता से महापालिका की सत्ता रचना में बड़ा बदलाव संभव है।

दोनों नेताओं के निकट सूत्रों का कहना है कि शहर के विकास की गति बढ़ाने और नागरिकों की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए वे आने वाले समय में संयुक्त रूप से काम करेंगे। उनके इस नए राजनीतिक अध्याय ने लातूर महापालिका के माहौल में उत्सुकता और नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

Pratahkal Newsroom

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