लातूर: मतिमंद बेटी से दुष्कर्म के मामले में पिता गिरफ्तार, पीड़िता गर्भवती
जळकोट तहसील में मतिमंद नाबालिग से बार-बार अत्याचार के बाद आरोपी पिता को पुलिस ने हिरासत में लिया, पीड़िता 19 सप्ताह की गर्भवती है।

लातूर के जळकोट पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी पुलिस वैन और सुरक्षाकर्मी, जहाँ मतिमंद बेटी के साथ दुष्कर्म मामले में आरोपी पिता के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई है।
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए, तो मानवता को कहाँ तलाशा जाए? यह आक्रोश पैदा करने वाला सवाल जळकोट तहसील के माळहिप्परगा की एक हृदयविदारक घटना ने खड़ा कर दिया है। एक मतिमंद नाबालिग बेटी की लाचारी का सहारा बनने के बजाय, उस पर बार-बार पाशविक अत्याचार करने वाले उसके सगे नराधम पिता को पुलिस ने बेड़ियाँ ठोक दी हैं। इस नराधम की करतूत के कारण वह मासूम बच्ची अब १९ सप्ताह की गर्भवती है, जिससे पूरे समाज में गुस्से की लहर दौड़ गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित बच्ची जन्म से ही मतिमंद है। उसे दुनिया की समझ नहीं है और वह अपनी व्यथा व्यक्त करने में असमर्थ है; इसी बात का फायदा इस दरिंदे पिता ने उठाया। माह दिसंबर २०२५ से वह उस पर लगातार अत्याचार कर रहा था। अपने ही खून को उसने अपनी हवस का शिकार बनाया। जब बच्ची के शरीर में आए बदलावों के कारण उसके गर्भवती होने की बात उजागर हुई, तब पीड़िता की माँ ने दिनांक १७/०४/२०२६ की रात २३:०० बजे जळकोट पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। शुरुआत में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जाँच में सामने आए सच ने पूरे जिले को सुन्न कर दिया है।
मतिमंद बच्ची के कारण पुलिस के सामने जाँच की बड़ी चुनौती थी। हालांकि, अनुविभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) अरविंद रायबोले ने मामले की गंभीरता को पहचानते हुए विभिन्न टीमों का गठन किया। रायबोले ने स्वयं इस प्रकरण में गंभीरता से ध्यान देकर अत्यंत चतुराई और कौशल के साथ जाँच करते हुए यह पता लगाया कि इस अपराध का असली अपराधी बच्ची का पिता ही है। ३ मई को इस नराधम पिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।
बाप-बेटी के पवित्र रिश्ते को कलंकित करने वाली इस घटना से जनमानस में भारी रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन हाथों को बेटी को सहारा देना चाहिए था, उन्हीं हाथों ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया। ऐसी विकृत मानसिकता वाले नराधम को कठोरतम सजा मिले, यह माँग अब जोर पकड़ रही है। इस मामले में जळकोट पुलिस थाने में अपराध क्रमांक ९९/२०२६, भारतीय न्याय संहिता २०२३ की धारा ६३ (६), ६४ (२)(आई), ६४ (२)(एम) और पोक्सो (POCSO) कानून २०१२ की धारा ३, ४, ५ (जे)(२), ५ (एल) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सपोनि एस. बी. माचेवाड के मार्गदर्शन में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

Limbraj Panhalkar (Latur)
नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर
वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)
कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)
बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग
अनुभव: 20 साल
परिचय
लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।
पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)
लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।
शैक्षणिक योग्यता (Education)
बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।
