लातूर: महाराष्ट्र के लातूर जिले में आम नागरिकों के विश्वास के साथ खिलवाड़ करने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां खुद को पुलिस अधिकारी बताकर लोगों को चूना लगाने वाले एक शातिर जालसाज को स्थानीय अपराध शाखा (एलसीबी) ने सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ₹4 लाख 30 हजार की नकदी बरामद की है और अब उसके द्वारा अंजाम दिए गए अन्य अपराधों की गहनता से जांच की जा रही है।

लातूर जिले में पिछले कुछ समय से धोखाधड़ी की बढ़ती वारदातों को देखते हुए पुलिस अधीक्षक श्री अमोल तांबे ने विशेष अभियान चलाने के सख्त निर्देश दिए थे। अपर पुलिस अधीक्षक श्री मंगेश चव्हाण के कुशल मार्गदर्शन में स्थानीय अपराध शाखा की टीम लगातार संदिग्धों पर नजर रखे हुए थी। इसी बीच, 23 मार्च 2026 की शाम करीब साढ़े पांच बजे पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि नवीन रेणापुर नाका इलाके में एक संदिग्ध व्यक्ति नागरिकों को ठगने की कोशिश कर रहा है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी की और जाल बिछाकर उस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ के दौरान आरोपी की पहचान विजय अनिरुद्ध कदम (उम्र 25 वर्ष, निवासी परभणी) के रूप में हुई है। जब पुलिस ने उसकी तलाशी ली, तो उसके पास से ₹4.30 लाख की भारी भरकम नकदी मिली, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। विस्तृत जांच में आरोपी के काम करने के बेहद शातिर तरीके का खुलासा हुआ। आरोपी विजय कदम अखबारों में छपने वाली चोरी की खबरों पर नजर रखता था और फिर उन पीड़ितों से संपर्क साधता था। खुद को बड़ा पुलिस अधिकारी बताकर वह लोगों को यूपीएससी इंटरव्यू का एक वीडियो दिखाता था ताकि लोग उस पर भरोसा कर सकें। इसके बाद वह फर्जी पंचनामा तैयार करता और चोरी हुआ माल वापस दिलाने का झांसा देकर पीड़ितों से मोटी रकम वसूलता था।

आरोपी ने हाल ही में अहमदपुर के एक नागरिक को उसका चोरी हुआ सोना वापस दिलाने का लालच देकर 19 मार्च को ₹5 लाख की ठगी की थी। पुलिस ने बताया कि ठगे गए रुपयों में से ₹70 हजार आरोपी ने खर्च कर दिए थे, जबकि शेष ₹4.30 लाख पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा भी हुआ है कि आरोपी पिछले दो वर्षों से नांदेड़ और परभणी जिलों में भी इसी तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था। वर्तमान में अहमदपुर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी बताकर पैसों की मांग करता है, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ऐसी किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस नियंत्रण कक्ष या नजदीकी पुलिस स्टेशन को दें। यह मामला एक बार फिर साबित करता है कि ठगों से बचने के लिए सतर्कता और जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

Limbraj Panhalkar (Latur)

Limbraj Panhalkar (Latur)

नाम: लिंबराज शिवराम पन्हाळकर

वर्तमान पद: जिला रिपोर्टर (लातूर)

कार्यक्षेत्र: लातूर (महाराष्ट्र)

बीट : क्राइम (अपराध) एवं सभी प्रकार की रिपोर्टिंग

अनुभव: 20 साल

परिचय

लिंबराज शिवराम पन्हाळकर महाराष्ट्र के लातूर जिले के एक वरिष्ठ और अनुभवी समाचार संवाददाता हैं। वह वर्तमान में लातूर जिला रिपोर्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। लिंबराज पन्हाळकर क्षेत्र की सभी प्रकार की प्रशासनिक और स्थानीय खबरों को कवर करते हैं, लेकिन मुख्य रूप से क्राइम (अपराध) से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में उनकी विशेष रुचि और विशेषज्ञता है।

पत्रकारिता का अनुभव (Work Experience)

लिंबराज पन्हाळकर को मीडिया और ग्राउंड रिपोर्टिंग के क्षेत्र में 20 वर्षों का एक लंबा और गहरा अनुभव है। दो दशकों से लातूर क्षेत्र में सक्रिय रहने के कारण स्थानीय मुद्दों, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय गतिविधियों पर उनकी मजबूत पकड़ है।

शैक्षणिक योग्यता (Education)

बी.ए. जर्नलिज्म (B.A. in Journalism): उन्होंने पत्रकारिता विषय में स्नातक (Graduation) की डिग्री हासिल की है।

Next Story